कांग्रेसमय होगी उत्तराखंड में AAP, स्थानीय नेताओं को साधने की कोशिश में पार्टी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 25, 2020   14:33
कांग्रेसमय होगी उत्तराखंड में AAP, स्थानीय नेताओं को साधने की कोशिश में पार्टी

पार्टी के कुछ नेता यह मानते है कि जिस तरीके से पंजाब में चेहरा नहीं होने के कारण पार्टी जीती हुई बाजी हार गई वैसा ही कुछ यहां भी हो सकता है। ऐसे में आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में एक चेहरे की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस के कई नेता आम आदमी पार्टी के संपर्क में है।

दिल्ली में चुनावी जीत से गदगद आम आदमी पार्टी ने अब राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी रणनीति बनाने की शुरूआत कर दी है। इसके लिए आम आदमी पार्टी ने अब यही छोटे राज्यों में अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है। आम आदमी पार्टी फिलहाल उत्तराखंड में चुनाव को लेकर जोर शोर से तैयारी कर रही है। यही काम उत्तर प्रदेश में भी हो रहा है। लेकिन आम आदमी पार्टी को इस बात की उम्मीद है कि वह उत्तराखंड में भाजपा के विकल्प के तौर पर उभर सकती है। तभी तो आम आदमी पार्टी ने अभी से ही है दावा कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

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आम आदमी पार्टी की सबसे बड़ी दिक्कत राज्य स्तरीय कोई बड़ा चेहरा नहीं होना है। पार्टी के कुछ नेता यह मानते है कि जिस तरीके से पंजाब में चेहरा नहीं होने के कारण पार्टी जीती हुई बाजी हार गई वैसा ही कुछ यहां भी हो सकता है। ऐसे में आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में एक चेहरे की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस के कई नेता आम आदमी पार्टी के संपर्क में है। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस में मचे बवाल के बीच राज्य के नेता कांग्रेस से ज्यादा भविष्य दूसरे दलों में देखते है। आम आदमी पार्टी के लिए राहत की खबर यह है कि कांग्रेस का एक नेता पार्टी के संपर्क में है। यह भी कहा जा रहा है कि यह नेता कांग्रेस से कई दिनों से नाराज चल रहा है और पार्टी में हाशिए पर है।

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लेकिन फिलहाल यह संशय बना हुआ है कि वह नेता आम आदमी पार्टी में कब शामिल होगा। यह भी कहा जा रहा है कि उस नेता की तरफ से आम आदमी पार्टी के समक्ष 2 शर्तें रखी गई है। एक शर्त तो यह है कि उसे पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया जाए। आम आदमी पार्टी ने इस शर्त को मान लिया है लेकिन पेंच दूसरे शर्त पर फंसा हुआ है और यह शर्त है कि उसे मुख्यमंत्री का भी चेहरा घोषित किया जाए। पार्टी के कुछ नेता यह मानते है कि ऐसा कर दिया जाना चाहिए। इसके लिए विचार-विमर्श भी किए जा रहे है। कुछ नेताओं का कहना है कि लोकल चेहरे को मुख्यमंत्री के तौर पर आगे बढ़ाने से लोकल सेंटीमेंट पार्टी के साथ जुड़ेगा। अब देखना है कि आम आदमी पार्टी किस रणनीति को कितना लाभ उत्तराखंड में मिल पाता है। हालांकि उत्तराखंड की सत्ताधारी पार्टी भाजपा आप पर तंज कसते हुए यह कह रही है कि उसके लिए यहां के लोगों के दरवाजे बंद है।





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