मंच पर रो पड़े अभिजीत दीपके, Sonam Wangchuk को हटाए जाने के बाद खुद भूख हड़ताल पर बैठे

एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूँ। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे पीछे न हटें। यह आंदोलन और बड़ा होगा। उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है।
दिल्ली पुलिस द्वारा एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के कुछ ही समय बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार (18 जुलाई, 2026) को घोषणा की कि वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहे हैं। मंच पर बैठे हुए दीपके अचानक भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूँ। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे पीछे न हटें। यह आंदोलन और बड़ा होगा। उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है।
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पहले सरकार को बातचीत करनी चाहिए
जब उनसे पूछा गया कि अगर सरकार बातचीत के लिए बुलाती है तो उनकी कौन-सी ऐसी मांगें होंगी जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता, तो दीपक ने कहा कि अभी तो सरकार बातचीत के लिए आगे ही नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले बातचीत शुरू करनी चाहिए, उसके बाद ही मांगों पर चर्चा हो सकती है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा जवाबदेही तय करेगा
इस आंदोलन की मुख्य मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा भी शामिल है। इस बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए दीपक ने कहा कि यह सिर्फ़ लोगों को बदलने का सवाल नहीं है, बल्कि जवाबदेही तय करने का सवाल है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मंत्री को यह एहसास हो जाए कि परीक्षा में धांधली और छात्रों की आत्महत्या जैसी घटनाओं के लिए राजनीतिक ज़िम्मेदारी तय की जाएगी, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर प्रयास किए जाएंगे। आंदोलन को लेकर लगातार उठ रहे इस सवाल पर कि क्या CJP भविष्य में कोई राजनीतिक पार्टी बनेगी या चुनाव लड़ेगी, दीपक ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है।
क्या सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए?
16 जुलाई को, 'कॉकरोच जनता पार्टी' के जंतर-मंतर वाले मंच से आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार से मांग की कि वह सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाए। इस बारे में 'द क्विंट' ने अभिजीत दीपक से पूछा कि क्या सरकार के धर्मेंद्र प्रधान की जगह सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने पर यह आंदोलन खत्म हो जाएगा। दीपक ने जवाब दिया कि उन्हें लगता है कि वांगचुक शिक्षा मंत्री बनने के काबिल हैं क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी शिक्षा के क्षेत्र में काम किया है।
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