Abhishek Banerjee को Calcutta High Court से लगा बड़ा झटका, विदेश जाने पर रोक, SSKM Hospital में जांच का आदेश

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने सरकारी SSKM मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में जांच कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा की अर्ज़ी पर तभी विचार किया जा सकता है, जब SSKM हॉस्पिटल का मेडिकल बोर्ड यह पाए कि कोलकाता में इलाज संभव नहीं है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाज़त देने से इनकार कर दिया, लेकिन साथ ही उन्हें चुनावी भाषण मामले में पुलिस की सख़्त कार्रवाई से 30 सितंबर तक अंतरिम सुरक्षा दे दी। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने सरकारी SSKM मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में जांच कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा की अर्ज़ी पर तभी विचार किया जा सकता है, जब SSKM हॉस्पिटल का मेडिकल बोर्ड यह पाए कि कोलकाता में इलाज संभव नहीं है। इस मामले की सुनवाई अगले महीने फिर होगी। बनर्जी के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि वह पिछले 10 सालों से अपने इलाज के लिए अमेरिका जा रहे हैं और उन्हें यात्रा करने की इजाज़त मिलनी चाहिए।
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एडिशनल एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि बनर्जी के भारत से बाहर रहने पर चल रही जांच पर असर पड़ेगा, जिसमें वह मामला भी शामिल है जिसमें उन पर 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले प्रचार भाषणों में भड़काऊ बातें कहने का आरोप है। 15 मई को बनर्जी पर उनके प्रचार भाषणों को लेकर भारतीय न्याय संहिता और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन पर लगे आरोपों में से दो आरोप गैर-ज़मानती हैं। 16 जून को, क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने बनर्जी से लगभग साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की।
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10 जुलाई को जस्टिस भट्टाचार्य ने चुनाव भाषण मामले में दो नोटिस मिलने के बावजूद अपना वॉयस सैंपल न देने के लिए बनर्जी को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने पुलिस की सख़्त कार्रवाई से 31 जुलाई तक की राहत सिर्फ़ इस शर्त पर दी थी कि बनर्जी जांच करने वालों का सहयोग करेंगे। वॉयस सैंपल रिकॉर्डिंग से छूट की मांग करने वाली बनर्जी की याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 15 जुलाई को अपना वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया। कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद बनर्जी के वकील अयान भट्टाचार्य ने याचिका वापस ले ली।
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