विधायकों को डराने के लिए 2017 में व्हिप जारी करवाने से पटेल ने किया इंकार

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गुजरात कांग्रेस विधायकों की 25 जुलाई 2017 की बैठक के संदर्भ में जैन ने पटेल से पूछा कि क्या उन्हें पता था कि कुछ विधायक उनके खिलाफ वोट कर सकते हैं। पटेल ने कहा कि राज्य के पार्टी नेताओं ने बैठक के बाद संभावना के बारे में बताया था।

अहमदाबाद। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने गुजरात उच्च न्यायालय में शुक्रवार को इस बात से इंकार किया कि उन्होंने 2017 राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों को डराने के लिए अपनी पार्टी से व्हिप जारी करवाया था। पटेल से भाजपा नेता बलवंतसिंह राजपूत के वकील ने लगातार दूसरे दिन जिरह की। राजपूत ने पटेल के निर्वाचन को चुनौती दी है। निजी वकील के तौर पर राजपूत की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा जारी व्हिप एक तरह से पार्टी विधायकों के लिए धमकी थी।

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गुजरात कांग्रेस विधायकों की 25 जुलाई 2017 की बैठक के संदर्भ में जैन ने पटेल से पूछा कि क्या उन्हें पता था कि कुछ विधायक उनके खिलाफ वोट कर सकते हैं। पटेल ने कहा कि राज्य के पार्टी नेताओं ने बैठक के बाद संभावना के बारे में बताया था। कांग्रेसी नेता ने कहा कि उनके बैठक स्थल पर पहुंचने से पहले विधायकों से उनके लिए वोट डालने के लिए कहने वाला व्हिप विधायक दल के नेता मोहनसिंह राठवा ने जारी किया था।

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जब जैन ने उनसे पूछा कि क्या आपको पता है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर विधायक को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता, पटेल ने जवाब दिया, ‘‘मुझे कोई जानकारी नहीं।’’ राजपूत ने आठ अगस्त 2017 को गुजरात से राज्यसभा चुनाव में पटेल से हारने के बाद चुनाव याचिका दायर की थी। उन्होंने पटेल पर विधायकों को रिश्वत देने का भी आरोप लगाया था।

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