राजधानी में घना कोहरा होने के कारण दिल्ली हवाई अड्डे से 50 उड़ाने देरी से चल रही

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 16, 2021   12:15
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राजधानी में घना कोहरा होने के कारण दिल्ली हवाई अड्डे से 50 उड़ाने देरी से चल रही

राजधानी में घना कोहरा होने के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर 50 से अधिक उड़ानों के संचालन में विलंब हुआ। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

नयी दिल्ली। राजधानी में घना कोहरा होने के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर 50 से अधिक उड़ानों के संचालन में विलंब हुआ। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। भारत मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी में शनिवार को बहुत घना कोहरा होने के कारण दृश्यता कमहोकर शून्य मीटर पर आ गयी।

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हवाई अड्डा अधिकारियों ने बताया कि इसका असरउड़ानों पर पड़ा है और 50 से अधिक उड़ाने विलंबित रही है। इस मौसम में यह तीसरा मौका है जब राजधानी में दृश्यता कम होकर शून्य मीटर पर आ गयी है। इससे पहले आठ दिसंबर और एक जनवरी कोदृश्यता कमहोकर शून्य मीटर पर आ गयी थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


विजयन ने भाजपा पर किया पलटवार, अमित शाह को बताया सांप्रदायिकता का मूर्त रूप

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 9, 2021   09:01
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विजयन ने भाजपा पर किया पलटवार, अमित शाह को बताया सांप्रदायिकता का मूर्त रूप

विजयन ने 2002 के गुजरात दंगों को ‘नरसंहार’ बताया और शाह के बेटे एवं बीसीसीआई सचिव जय शाह पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि भाजपा के केंद्र की सत्ता में आने के बाद तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से सोने की तस्करी की घटनाओं में कैसे बढ़ोतरी हो रही है? जबकि यह हवाई अड्डा केंद्र सरकार के तहत आता है।

धर्मादम (केरल)। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘सांप्रदायिकता का मूर्त रूप’ बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेता कथित ‘अपहरण और फर्जी मुठभेड़’ के अपराध में जेल गए थे। विजयन ने सोहराबुद्दीन शेख मामले का संदर्भ देते हुए यह कहा। गौरतलब है कि एक दिन पहले शाह ने एक रैली में सोना और डॉलर तस्करी के मामले में विजयन से कुछ सवाल किये थे। इस पर वाम दल के नेता ने केंद्रीय मंत्री पर पलटवार करते हुए उनसे सवाल किया, “फर्जी मुठभेड़ और अपहरण” के मामले के आरोप पत्र में किसका नाम था ?’’ विजयन ने आरोप लगाया, “ अमित शाह सांप्रदायिकता के मूर्त रूप हैं। वह सांप्रदायिकता को बढ़ाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। भले ही वह मंत्री बन गए हों, लेकिन उनमें बहुत बदलाव नहीं आया है। सांप्रदायिकता का प्रचार करने वाले आरएसएस के नेता यहां हमें धर्मनिरपेक्षता का पाठ पढ़ाने आए हैं।”

केरल के मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा, ‘‘उन्होंने (शाह ने) कल मुझसे कुछ सवाल किये थे। मैं उन्हें याद दिलाना चाहुंगा कि मैं वह व्यक्ति नहीं हूं, जो अपहरण के लिए जेल गया था। क्या अमित शाह को याद है कि फर्जी मुठभेड़ मामले के आरोपपत्र में किसका नाम था, जो गिरफ्तार हुआ था और जेल गया था?’’ सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और तुलसी राम प्रजापति की मौत का हवाला देते हुए विजयन ने आरोप लगाया, “ये सभी फर्जी मुठभेड़ के मामले थे। इन अपराधों के लिए किस पर आरोप लगा था? उसका नाम है अमित शाह।” उन्होंने दावा किया कि इन मामलों की सुनवाई कर रही सीबीआई अदालत के न्यायाधीश बी एच लोया की रहस्मय परिस्थितियों में मौत हुई थी। विजयन ने कन्नूर जिले के धर्मादम में एक चुनावी रैली में कहा, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित रूप से छेड़छाड़ की गई। न्यायाधीश का परिवार अब भी इंसाफ के इंतजार में हैं। क्या भाजपा का कोई नेता इस बारे में बात करेगा? हम सब 2013 के जासूसी मामले के बारे में जानते हैं। बाद में शिकायतकर्ता महिला ने अपना मामला वापस ले लिया था।” 

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मुख्यमंत्री ने कहा, “ इन मामलों में कौन जेल गया था? जिस पद पर आप बैठे हैं, उसके मुताबिक काम नहीं करेंगे, तो हम आपके कथित गलत काम को सामने लाने को मजबूर हो जाएंगे।” उन्होंने कहा, “ वह व्यक्ति हत्या, अपहरण, वसूली और गैरकानूनी निगरानी कराने का आरोपी था। और एक रहस्यम मौत पर क्या वह अपने अनुभव से बोल रहे हैं?” वह सोहराबुद्दीन शेख ‘फर्जी मुठभेड़’ मामले का हवाला दे रहे थे, जिसमें शाह को जुलाई 2010 में गिरफ्तार किया गया था। शाह ने गुजरात के गृह मंत्री के तौर पर इस्तीफा दे दिया था, हालांकि दिसंबर 2014 में सीबीआई की एक अदालत ने उन्हें मामले में आरोप मुक्त कर दिया था। विजयन ने 2002 के गुजरात दंगों को ‘नरसंहार’ बताया और शाह के बेटे एवं बीसीसीआई सचिव जय शाह पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि भाजपा के केंद्र की सत्ता में आने के बाद तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से सोने की तस्करी की घटनाओं में कैसे बढ़ोतरी हो रही है? जबकि यह हवाई अड्डा केंद्र सरकार के तहत आता है।





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मध्यप्रदेश में सामने आये कोरोना वायरस के 427 नए मामले, एक और व्यक्ति की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 9, 2021   08:51
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मध्यप्रदेश में सामने आये कोरोना वायरस के 427 नए मामले, एक और व्यक्ति की मौत

अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2,57,560 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 3,638 मरीज़ों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि सोमवार को 394 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

भोपाल। मध्यप्रदेश में सोमवार को कोरोना वायरस के 427 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 2,65,070 हो गयी। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से एक और व्यक्ति की मौत हुई है।

राज्य में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 3,872 हो गयी है। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2,57,560 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 3,638 मरीज़ों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि सोमवार को 394 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।





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सियासी हलचल के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रावत ने की भाजपा अध्यक्ष नड्डा से मुलाकात

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 9, 2021   08:45
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सियासी हलचल के बीच  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रावत ने की भाजपा अध्यक्ष नड्डा से मुलाकात

रावत उत्तराखंड के नौवें मुख्यमंत्री हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली भारी सफलता के बाद पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य की कमान रावत को सौंपने का फैसला किया था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की 75 में से 57 सीटों पर अपना कब्जा जमाया था। रावत राज्य में भाजपा के पांचवें मुख्यमंत्री हैं।

नयी दिल्ली। उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस मुलाकात से पहले रावत ने पार्टी के राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी के साथ बैठक की। नड्डा से लगभग 40 मिनट की मुलाकात के बाद रावत ने पत्रकारों के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया और दिल्ली स्थित अपने आवास के लिए रवाना हो गए। रावत की यह मुलाकात पिछले दो दिनों से उत्तराखंड में चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद हुई है जब भाजपा उपाध्यक्ष रमन सिंह और महासचिव व राज्य के प्रभारी दुष्यंत गौतम बिना किसी तय कार्यक्रम के देहरादून पहुंचे और राज्य के कोर समूह के नेताओं की बैठक की। भाजपा सांसद और उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता अजय भट्ट ने बताया कि पार्टी में ‘‘सब कुछ ठीक है।’’ उन्होंने बताया कि सिंह और गौतम ने तीन दिवसीय प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक और 18 मार्च को रावत सरकार के चार साल पूरा होने के सिलसिले में राज्य का दौरा किया था।

राज्य के कोर समूह के नेताओं की बैठक ऐसे समय बुलाई गई थी, जब प्रदेश की नई बनी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में राज्य विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र चल रहा था। बैठक की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री रावत को तुरंत गैरसैंण से वापस देहरादून आना पड़ा। आनन-फानन में बजट पारित करा कर सत्र भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया और भाजपा विधायकों को भी तत्काल गैरसैंण से देहरादून बुला लिया गया। दो घंटे से भी ज्यादा समय तक चली कोर ग्रुप की बैठक में राज्य सभा सदस्य नरेश बंसल, टिहरी से लोकसभा सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह,पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, नैनीताल से लोकसभा सांसद अजय भट्ट, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सहित राज्य संगठन के भी कई नेता मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि रमन सिंह ने कोर ग्रुप की बैठक में मौजूद हर सदस्य से अलग-अलग बातचीत की। बाद में सिंह मुख्यमंत्री के सरकारी आवास भी गए, जहां करीब 40 पार्टी विधायक मौजूद थे। कोर ग्रुप की बैठक के बाद सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय भी गए। 

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सूत्रों के मुताबिक सिंह और गौतम ने राज्य से लौटने के बाद प्रदेश नेताओं से हुई रायशुमारी के संबंध में नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। पार्टी नेतृत्व ने उत्तराखंड में घटनाक्रम के संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, गौतम ने कहा था कि सिंह और वह प्रदेश सरकार के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 70 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों के बारे में चर्चा करने के लिए राज्य गए थे। प्रदेश के एक धड़े के नेताओं के रावत के नेतृत्व से नाराज होने की खबरें आयी हैं और उनका मानना है कि रावत के नेतृत्व में पार्टी का भविष्य ठीक नहीं दिख रहा। रावत उत्तराखंड के नौवें मुख्यमंत्री हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली भारी सफलता के बाद पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य की कमान रावत को सौंपने का फैसला किया था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की 75 में से 57 सीटों पर अपना कब्जा जमाया था। रावत राज्य में भाजपा के पांचवें मुख्यमंत्री हैं।

मंगलवार को विधायक दल की बैठक की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गयी है: भाजपा उत्तराखंड इकाई

उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की बढ़ती अटकलों के बीच प्रदेश भाजपा ने सोमवार को कहा कि मंगलवार को यहां पार्टी विधायक दल की कोई भी बैठक होने की औपचारिक घोषणा नहीं की गयी है। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने पीटीआई-से कहा, ‘‘जहां तक मेरी जानकारी है उसके हिसाब से कल यहां पार्टी विधायक दल की किसी भी बैठक की अबतक औपचारिक घोषणा नहीं की गयी है।’’ लेकिन जब उनसे यह सवाल किया गया कि जैसा कि राजनीतिक मोर्चे पर अचानक बदलते घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं, उसके हिसाब से उत्तराखंड में कोई बड़ा बदलाव तो नहीं होने जा रहा है, तो उन्होंने कहा, ‘‘देखते हैं।’’ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार को यहां पहुंचे और भाजपा के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। दरअसल ऐसी अटकलें हैं कि भाजपा राज्य में राजनीतिक बदलाव पर विचार कर रही है। समझा जाता है कि दो केंद्रीय नेताओं-- भाजपा उपाध्यक्ष रमन सिंह और महासचिव दुष्यंत सिंह गौतम ने उत्तराखंड से वापस लाने पर पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। ये दोनों नेता प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप के नेताओं से बातचीत करने उत्तराखंड आये थे।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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