रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या होगा ? अखिलेश ने आतंकियों के केस को ड्राप करने का किया था काम: जेपी नड्डा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 28, 2022   20:57
रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या होगा ? अखिलेश ने आतंकियों के केस को ड्राप करने का किया था काम: जेपी नड्डा
प्रतिरूप फोटो

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि क्या ये सच्चाई नहीं है कि बतौर मुख्यमंत्री आतंकवादियों के केस को ड्राप करने का काम अखिलेश जी ने किया था। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री यह शपथ लेता है कि मैं ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं संविधान की रक्षा करूंगा, उसको अक्षुण्ण रखूंगा।

बरेली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी बयानबाजियां जोरो-शोरो पर हो रही हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी, 2008 को रामपुर में सीआरपीएफ के कैंप पर एके-47 से हमला हुआ था। उसमें 7 जवान समेत एक रिक्शा वाला मारा गया था। इसमें लश्कर-ए-तैयबा का हाथ पाया गया था। शाहबुद्दीन और उसके साथी गिरफ्तार हुए थे और 15 केस उन पर लगाए गए थे। 

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उन्होंने कहा कि क्या ये सच्चाई नहीं है कि बतौर मुख्यमंत्री आतंकवादियों के केस को ड्राप करने का काम अखिलेश जी ने किया था। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री यह शपथ लेता है कि मैं ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं संविधान की रक्षा करूंगा, उसको अक्षुण्ण रखूंगा। लेकिन ऐसे आतंकवादियों जिन्होंने 7 सीआरपीएफ के जवान मार दिए और उन्हें छुड़ाने और केस ड्राप करने का काम एक मुख्यमंत्री ने किया। अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या होगा।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को बरेली में प्रभावी मतदाता संवाद सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह तमाम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत की राजनीति की संस्कृति बदल डाली है। पहले जो लोग जाति के नाम पर वोट मांगते थे, वो लोग भी आजकल विकास की बात करने लगे हैं। ये उनकी इच्छा नहीं बल्कि मजबूरी है। उन्होंने कहा कि आपके ध्यान में होगा कि हमारे कुछ विरोधी जेल से पर्चा भर रहे हैं। ये इनकीं पुरानी दोस्ती है। क्या मजबूरी है कि आज उनको इन्होंने प्रत्याशी बनाया है। आधे जेल से लड़ रहे हैं और आधे बेल पर लड़ रहे हैं। 

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गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने आजम खान को रामपुर सदर सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। फिलहाल वो सीतापुर की जेल में बंद हैं और गुरुवार को उनकी जमानत याचिका भी खारिज हो गई है। हालांकि अदालत से अनुमति मिलने के बाद उन्होंने जेल से ही पर्चा दाखिल करने के लिए प्रक्रिया को पूरा किया। आजम खान के साथ-साथ उनका बेटा और पत्नी भी जेल में थे लेकिन उन्हें जमानत मिल चुकी है। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान होना है। पहले चरण में 10 फरवरी को 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान होगा। इसमें शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर जिले प्रमुख हैं। जबकि दूसरे चरण में 14 फरवरी को 9 जिलों की 55 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। ऐसे में तमाम दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है।





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