Kabul Air Strike | काबुल नरसंहार पर Rashid Khan का गुस्सा! पाकिस्तान पर लगाया 'युद्ध अपराध' का आरोप, बोले- 'यह घिनौनी हरकत है'

 Rashid Khan
ANI
रेनू तिवारी । Mar 17 2026 11:01AM

अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर और पूर्व कप्तान राशिद खान ने काबुल के एक अस्पताल पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। हमले में मरने वालों की संख्या 400 तक पहुँचने के बाद राशिद ने इसे 'युद्ध अपराध' करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।

अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर और पूर्व कप्तान राशिद खान ने काबुल के एक अस्पताल पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। हमले में मरने वालों की संख्या 400 तक पहुँचने के बाद राशिद ने इसे 'युद्ध अपराध' करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है। राशिद खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद भावुक और कड़ा संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा: "आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना एक युद्ध अपराध है। रमज़ान के पवित्र महीने में इंसानी जानों की ऐसी घोर अनदेखी बेहद घिनौनी और चिंताजनक है। इससे केवल नफरत और फूट ही बढ़ेगी।"

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उन्होंने यह भी कहा कि यह ताज़ा हरकत सिर्फ़ फूट और नफ़रत को ही बढ़ावा देगी। राशिद ने मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि वे आगे आएं और इस ताज़ा ज़ुल्म की जाँच करें। राशिद खान ने X (पहले Twitter) पर लिखा, “काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के चलते आम नागरिकों के मारे जाने की ताज़ा खबरों से मैं बहुत दुखी हूँ। आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना—चाहे जानबूझकर हो या गलती से—एक युद्ध अपराध है। इंसानी जान की सरासर अनदेखी, खासकर रमज़ान के पवित्र महीने में, बेहद घिनौनी और गहरी चिंता का विषय है।”

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उन्होंने आगे कहा, “इससे सिर्फ़ फूट और नफ़रत ही बढ़ेगी। मैं UN और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से अपील करता हूँ कि वे इस ताज़ा ज़ुल्म की पूरी जाँच करें और दोषियों को सज़ा दिलाएं। इस मुश्किल घड़ी में मैं अपने अफगानी लोगों के साथ खड़ा हूँ। हम इस दुख से उबरेंगे, और एक राष्ट्र के तौर पर फिर से उठ खड़े होंगे। हम हमेशा ऐसा ही करते आए हैं।”

मोहम्मद नबी ने भी प्रतिक्रिया दी

अफगानिस्तान के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने भी इस ताज़ा घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक अस्पताल में सारी उम्मीदें “बुझ गईं”। आज रात काबुल में, एक अस्पताल में उम्मीदें बुझ गईं। इलाज की तलाश में आए नौजवानों को पाकिस्तानी सेना के शासन द्वारा की गई बमबारी में मार डाला गया। माँएं दरवाज़ों पर खड़ी अपने बेटों के नाम पुकारती रहीं। "रमज़ान की 28वीं रात को, उनकी ज़िंदगी अचानक खत्म हो गई," नबी ने लिखा।

हवाई हमले के बारे में बात करते हुए, पाकिस्तान ने सभी दावों से इनकार किया है, और कहा कि यह हमला आम नागरिकों की जगहों के बजाय आतंकवादियों के ठिकानों पर किया गया था।

काबुल के एक अस्पताल पर कथित हवाई हमला तब हुआ, जब अफ़ग़ान अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की सेनाओं के बीच सीमा पर गोलीबारी हुई। सीमा पार हुई इन झड़पों में दोनों देशों के बीच पिछले कई सालों में सबसे भीषण लड़ाई देखने को मिली है।

दोनों देशों के बीच लड़ाई इस साल फरवरी में शुरू हुई थी। इसकी शुरुआत सीमा पार से हुए हमलों से हुई, जिसके जवाब में दोनों तरफ से जवाबी हमले किए गए। पाकिस्तान ने इस स्थिति को "खुला युद्ध" बताया, जबकि अफ़ग़ान अधिकारियों ने कहा कि देश की संप्रभुता की रक्षा करना सभी नागरिकों की ज़िम्मेदारी है।

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