आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद से लड़ने के लिए दुनिया के सभी राष्ट्र हों एकजुट: ओम बिरला

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 22, 2022   21:33
आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद से लड़ने के लिए दुनिया के सभी राष्ट्र हों एकजुट: ओम बिरला
प्रतिरूप फोटो

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात की संघीय राष्ट्रीय परिषद (एफएनसी) के छठे पूर्ण सत्र के दौरान एक असाधारण सत्र में सदस्यों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूएई में हाल ही में हुए आतंकी हमले की मैं कड़े और स्पष्ट शब्दों में निंदा करता हूँ।

नयी दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हाल में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और सतत विकास के लिए यह आवश्यक है कि विश्व के सभी राष्ट्र आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की चुनौतियों से लड़ने के लिए एकजुट हों। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात की संघीय राष्ट्रीय परिषद (एफएनसी) के छठे पूर्ण सत्र के दौरान एक असाधारण सत्र में सदस्यों को संबोधित करते हुए यह बात कही। लोकसभा सचिवालय के बयान के अनुसार, बिरला ने कहा ‘‘ यूएई में हाल ही में हुए आतंकी हमले की मैं कड़े और स्पष्ट शब्दों में निंदा करता हूँ। भारत ने आतंकवाद के सभी रूपों का सदैव विरोध किया है।’’ 

इसे भी पढ़ें: ओवैसी ने जेड कैटेगरी की सिक्योरिटी लेने से किया इनकार, बोले- मुझे A कैटेगरी का शहरी बनाइए 

उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और सतत विकास के लिए यह आवश्यक है कि विश्व के सभी राष्ट्र आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की चुनौतियों से लड़ने के लिए एकजुट हों।’’ लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ धार्मिक कट्टरता और आतंकवाद से बढ़ते खतरों और लोगों की सुरक्षा के संबंध में भारत और यूएई की साझा चिंता वर्तमान क्षेत्रीय और वैश्विक परिदृश्य में हमारे सहयोग को नया आकार दे रही है।’’ बिरला ने कहा कि भारत और यूएई के बीच मित्रता और सहभागिता का एक लंबा इतिहास है तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय विषयों पर विचारों की समानता ने इस संबंध को और गहरा बनाया है।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ राजनेताओं तथा नागरिकों की एक दूसरे के देशों में नियमित यात्राओं के कारण दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध रहे हैं तथा दोनों मुल्कों की जनता के स्तर पर भी संपर्क मजबूत रहे हैं। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई की यात्रा और 2016 में अबू धाबी के शहजादा की भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम देने के साथ साथ भावी आर्थिक विकास का आधार भी तैयार किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लिए मौका है कि वे एकजुट होकर अपनी मित्रता और साझेदारी को और सशक्त करें ताकि दोनों देशों की जनता को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।

बिरला ने यूएई द्वारा पिछले वर्षों में लोकतंत्र को व्यापक आधार देने तथा संसद में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्णय का स्वागत किया। संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय समुदाय के बारे में बिरला ने कहा कि प्रवासी समुदायों में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा है और इसने देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि भारतीय समुदाय दोनों देशों को जोड़ने वाले एक सेतु की भूमिका निभा रहा है तथा उन्हें और अधिक निकट ला रहा है। 

इसे भी पढ़ें: Parliament Diary। बजट सत्र का पहला चरण संपन्न, क्रिप्टोकरेंसी पर निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया सरकार का रूख 

दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए बिरला ने कहा कि भारत में अर्थव्यवस्था के विकास के लिए तेजी से नए प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार की ओर से की जा रही कोशिशों के चलते भारत आज विश्व का अग्रणी निवेश स्थल बन गया है। उन्होंने यूएई के निवेशकों से भारत में निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि भारत अंतरिक्ष और आईटी के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को यूएई के साथ साझा करने तथा इस माध्यम से आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए तैयार है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।