देश की आत्मा को समझने वाले कर रहे हैं सीएए का विरोध: अखिलेश यादव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2020   15:28
देश की आत्मा को समझने वाले कर रहे हैं सीएए का विरोध: अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सपा ही नहीं बल्कि देश की आत्मा को समझने वाला हर व्यक्ति सीएए का विरोध कर रहा है। मुझे खुशी है कि महिलाओं ने बढत ली और बडी संख्या में युवा भी प्रदर्शन कर रहे हैं।

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ धर्म के आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि न सिर्फ उनकी पार्टी बल्कि देश की आत्मा को समझने वाले सभी लोग संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि जहां तक सीएए का सवाल है, केवल सपा ही नहीं बल्कि देश की आत्मा को समझने वाला हर व्यक्ति इसका विरोध कर रहा है। मुझे खुशी है कि महिलाओं ने बढत ली और बडी संख्या में युवा भी प्रदर्शन कर रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: बहुमत के रोडरोलर से जनता को कुचलना चाहती है भाजपा: अखिलेश यादव

पार्टी नेता जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद अखिलेश ने कहा कि महात्मा गांधी और भीमराव आंबेडकर भेदभाव के खिलाफ थे। उन्होंने भाषा और धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म के नाम पर भेदभाव कर रही है और समाज को बांट रही है। भाजपा संविधान से खिलवाड़ कर रही है क्योंकि उसके पास बहुमत है, लेकिन बहुमत से वे आम आदमी की आवाज को दबा नहीं पाएंगे।

इसे भी पढ़ें: बांटो और राज करो की राजनीति कर रही है भाजपा: अखिलेश यादव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में अखिलेश ने कहा कि योगी अपने भाषणों में कहते हैं,  ठोंक दिया जाएगा। यह किसी राजनेता की भाषा नहीं हो सकती है। भाजपा ने वोट की खातिर चुनावी रैलियों के दौरान कब्रिस्तान और श्मशान तथा दीवाली और रमजान का मुददा उठाया।

इसे भी देखें: NPR क्या है और कैसे गिने जाएंगे नागरिक 





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।