पंजाब Congress प्रमुख पद से Amarinder Singh Raja Warring का इस्तीफा, Pargat Singh को कमान

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को राहुल गांधी से मुलाकात कर अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से सौंप दिया। पार्टी नेतृत्व ने उनके स्थान पर भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह को तत्काल प्रभाव से नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पद छोड़ने के बाद वड़िंग ने दावा किया कि उनके हटने से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की जीत हुई है।
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर पंजाब कांग्रेस में दरारें एक बार फिर उस वक्त सामने आईं जब राज्य इकाई के प्रमुख रहे अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उनके पद छोड़ने को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की जीत बताया। वड़िंग ने कहा कि उन्हें पता चला था कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नए प्रभारी महासचिव सचिन पायलट उन्हें हटाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद ही अपना पद छोड़ दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी ने उनसे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा था, उन्होंने अपनी मर्जी से ऐसा किया।
इससे पहले शुक्रवार को वड़िंग ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और पंजाब इकाई के प्रमुख के तौर पर अपना औपचारिक इस्तीफा उन्हें सौंपा। उनकी जगह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का प्रमुख बनाया गया है। वड़िंग चार साल से ज्यादा समय तक प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख रहे और उनका इस्तीफा राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आया है।
उनके इस्तीफे से पहले राज्य इकाई में लंबे समय से अंदरूनी कलह चल रही थी और चन्नी तथा कुछ अन्य नेताओं ने उन्हें हटाने की मांग की थी। वड़िंग ने बाद में कहा, “मुझसे किसी ने इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा। मुझे हालात का अंदाजा हो गया था और जब मुझे लगा कि स्थिति चरम पर पहुंच गई है, तो मैंने अपनी मर्जी से इस्तीफा दे दिया और अपना सोशल मीडिया हैंडल बदलकर ‘पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष’ कर लिए।” उन्होंने कहा, “शायद सचिन पायलट को लगा कि मेरे लिए पीसीसी अध्यक्ष के रूप में बने रहना उचित नहीं था।
चन्नी साहब जीत गए हैं।” वड़िंग ने कहा कि उन्होंने पिछले साढ़े चार सालों में पार्टी नेतृत्व को अपनी राय दी, और हो सकता है कि पायलट ने पार्टी को कुछ नयी राय दी हो। उन्होंने कहा, “पता चला है कि सचिन जी चाहते थे कि मुझे हटा दिया जाए।” लुधियाना के सांसद ने कहा कि राहुल गांधी के साथ पंजाब की राजनीति के साथ-साथ कई व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों पर चर्चा हुई, और बातचीत सकारात्मक रहीं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे आंतरिक पार्टी मामलों के बारे में कैमरे पर बात करना पसंद नहीं करेंगे।
वड़िंग ने कहा, “पंजाब कैडर बहुत मजबूत है, और हमने बूथ से लेकर राज्य स्तर तक एक पूर्ण संगठनात्मक ढांचा तैयार किया है। कांग्रेस जमीनी स्तर पर बहुत मजबूत है।” कांग्रेस ने हाल ही में अपने एआईसीसी प्रभारी भूपेश बघेल की जगह पायलट को नया प्रभारी नियुक्त किया था। बघेल ने हाल में पंजाब में लड़ रहे गुटों को शांत करने के लिए वहां कई सप्ताह बिताए थे।
एआईसीसी महासचिव, संगठन, के.सी. वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष ने श्री परगट सिंह को तत्काल प्रभाव से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है।” इससे पहले, गांधी से मिलने के बाद, वड़िंग ने कहा, “मैं राहुल गांधी से मिला और औपचारिक रूप से उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया।” उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “उन्होंने (राहुल गांधी) मुझे बहुत प्यार दिया। उन्होंने पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, सरकार के साथ क्या हो रहा है और हमें वहां क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी मांगी थी।” वड़िंग ने कहा कि उन्होंने गांधी को पंजाब में कांग्रेस के सामने आने वाली चुनौतियों के साथ-साथ उसकी ताकतों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, “मैंने उनके साथ हमारी चुनौतियों पर चर्चा की और बताया कि हमें उन चुनौतियों से कैसे लड़ना है और हमारी ताकत कहां है।” कांग्रेस नेता ने कहा, “उन्होंने मुझे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया, और मैंने कठिन परिस्थितियों में राज्य कांग्रेस का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए उनका धन्यवाद किया।
मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि जब भी पार्टी को मेरी आवश्यकता होगी, मैं पार्टी की सेवा करने के लिए तैयार हूं।” राज्य इकाई प्रमुख के बदलाव का कारण बनी अंदरूनी कलह के बारे में पूछे जाने पर, राजस्थान के लिए एआईसीसी प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने कहा, “जिन लोगों ने मतभेद पैदा किए, उन्हें भी सोचना चाहिए।” उन्होंने कहा, “मैं जिम्मेदार हूं, और वडिंग तथा कांग्रेस के अन्य नेता भी ऐसी परिस्थितियां पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं, जो नहीं होनी चाहिए थीं।
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