IIMC के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी बोले, पत्रकारिता के आदर्श पुरुष थे आंबेडकर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 5, 2020   17:57
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IIMC के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी बोले, पत्रकारिता के आदर्श पुरुष थे आंबेडकर

‘बाबा साहब आंबेडकर और उनकी पत्रकारिता’ विषय पर बोलते हुए प्रो. द्विवेदी ने कहा कि भारतीय संविधान के शिल्पकार आंबेडकर ने समाज में व्याप्त जातिभेद, ऊंच-नीच और छुआछूत को समाप्त कर समता और बंधुत्व का भाव लाने के लिए अपना जीवन लगा दिया।

नई दिल्ली। बाबा साहब आंबेडकर का मानना था कि बिना किसी प्रयोजन के समाचार देना और समाज को जागृत करना पत्रकारिता का पहला कर्तव्य है। यह विचार भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने गुरुवार को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। आयोजन की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने की एवं संचालन प्रो. अनिल कुमार राय ने किया। 

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‘बाबा साहब आंबेडकर और उनकी पत्रकारिता’ विषय पर बोलते हुए प्रो. द्विवेदी ने कहा कि भारतीय संविधान के शिल्पकार आंबेडकर ने समाज में व्याप्त जातिभेद, ऊंच-नीच और छुआछूत को समाप्त कर समता और बंधुत्व का भाव लाने के लिए अपना जीवन लगा दिया। वंचितों, शोषितों एवं महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए बाबा साहब ने अलग-अलग स्तर पर जागरुकता आंदोलन चलाए। 

उन्होंने कहा कि आंबेडकर एक महान संप्रेषक थे। भारतीय मीडिया के बारे में उनके विचार और पत्रकार के तौर पर उनका आचरण, आज भी उन लोगों के लिए आदर्श है, जो मीडिया का मानव विकास के उपकरण के रूप में उपयोग करना चाहते हैं। 

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प्रो. द्विवेदी के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में आंबेडकर का जीवन हमें युग परिवर्तन का बोध कराता है। आज हमारे लिए चिंता की बात यह है कि संपूर्ण समाज का विचार करने वाले और सामाजिक उत्तरदायित्व को मानने वाले आंबेडकर जैसे पत्रकार मिलना मुश्किल हैं।





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किसानों के लिए खुशखबरी! झारखंड में नौ लाख किसानों का 50 हजार तक का कर्जा माफ होगा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2021   08:27
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किसानों के लिए खुशखबरी! झारखंड में नौ लाख किसानों का 50 हजार तक  का कर्जा माफ होगा

झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने देश के 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को यहां घोषणा की कि राज्य सरकार अपने वादे के अनुरूप इस वर्ष 31 मार्च तक राज्य के लगभग नौ लाख किसानों के 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण माफ कर देगी।

रांची। झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने देश के 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को यहां घोषणा की कि राज्य सरकार अपने वादे के अनुरूप इस वर्ष 31 मार्च तक राज्य के लगभग नौ लाख किसानों के 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण माफ कर देगी। राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस पर यहां परेड की सलामी लेने के बाद अपने संबोधन में यह बात कही।

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राज्यपाल मुर्मू ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘झारखंड राज्य कृषि ऋण माफी योजना’ की शुरूआत कर दी है और वर्तमान वित्तीय वर्ष में किसानों के 50 हजार रुपये तक के ऋण माफ करने के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड संक्रमण से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाये जिससे यहां इस महामारी से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचायी जा सकी। प्रधानमंत्री द्वारा कोविड-19 से निपटने के लिए 16 जनवरी से देश में शुरू टीकाकरण अभियान में झारखंड भी पूरी तैयारी के साथ शामिल हुआ है और राज्य में 48 केन्द्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों के टीकाकरण का कार्य जारी है।

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मुर्मू ने इस अवसर पर देश तथा झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस उद्देश्य से उनकी सरकार ने अनेक कदम उठाये हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जायेंगी और इसके लिए आयोग की सभी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया जायेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा के प्रति भी पूरी तरह सजग है। राज्य के विकास में महिलाओं का योगदान सुनिश्चित करने के लिए 2.57 लाख सखी मंडलों का गठन कर कुल 32.2 लाख परिवारों को अब तक इससे जोड़ा गया है।





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किसानों की ट्रैक्टर रैली में की गयी हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने सात प्राथमिकी दर्ज की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2021   08:14
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किसानों की ट्रैक्टर रैली में की गयी हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने सात प्राथमिकी दर्ज की

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के मामले में सात प्राथमिकी दर्ज की। अधिकारियों ने यहां इसकी जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पूर्वी जिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के मामले में सात प्राथमिकी दर्ज की। अधिकारियों ने यहां इसकी जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पूर्वी जिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की गयी है। द्वारका में तीन तथा शाहदरा जिले में एक मामला दर्ज किया गया है।’’ उन्होंने बताया कि और प्राथमिकी दर्ज होने के आसार हैं। इससे पहले दिन में, तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसानों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़ फोड़ की और लाल किले पर धार्मिक झंडे फहरा दिये।

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पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि इस हिंसा में पुलिस के 86 जवान हो गये हैं। हिंसा स्थल पर एक प्रदर्शनकारी का ट्रैक्टर पलट गया जिससे उसकी मौत हो गयी। बयान में कहा गया है कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया था। प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के संबंध में मोर्चा के साथ दिल्ली पुलिस की कई दौर की बैठक हुयी थी। बयान के अनुसार मंगलवार को सुबह करीब 8:30 बजे छह हजार से सात हजारट्रैक्टर सिंघू सीमा पर एकत्र हुए। पहले से निर्धारित रास्तों पर जाने के बदले उन्होंने मध्य दिल्ली की ओर जाने पर जोर दिया।

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बार बार आग्रह के बावजूद निहंगों की अगुवाई में किसानों ने पुलिस पर हमला किया और पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया।गाजीपुर एवं टीकरी सीमा से भी इसी तरह की घटना की खबरें हैं। इसमें कहा गया है कि आइटीओ पर गाजीपुर एवं सिंघू सीमा से आये किसानों के एक बड़े समूह ने लुटियन जोन की तरफ जाने का प्रयास किया। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो किसानों का एक वर्ग हिंसक हो गया। उन्होंने अवरोधक तोड़ दिये तथा वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। पुलिस भीड़ को हटाने में कामयाब रही।





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टोपी पहनकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 26, 2021   23:22
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टोपी पहनकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा टोपी पहनकर संविदा शोषित व्यवस्था का विरोध किया गया। इनका कहना है कि संविदा के नाम पर कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है।

राजगढ़। मध्य प्रदेश में जिला चिकित्सालय राजगढ़, सिविल अस्पताल ब्यावरा, नरसिंहगढ़ सहित अन्य जगह गणतंत्र दिवस के अवसर पर नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने संविदा टोपी पहनी और झण्डावंदन कर प्रदर्शन किया। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा टोपी पहनकर संविदा शोषित व्यवस्था का विरोध किया गया। इनका कहना है कि संविदा के नाम पर कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है।

 

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इन कर्मचारियों का कहना है कि सालों से नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों का 90 प्रतिशत वेतन और निकाले गए कर्मचारियों की बहाली को लेकर मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। कम वेतन पर नियमित स्टाफ से अधिक काम लेकर कब तक शोषण किया जाएगा साथ ही अप्रैजल के बहाने कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करना कहां का न्याय है। चुनाव के पहले नियमित करने का सपना दिखाया जाता है और सरकार बनने के बाद संविदा कर्मचारियों का ही शोषण किया जाता रहा है।





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