रायसीना डायलॉग में बोले अनुराग ठाकुर, असीमित आयामों को छू सकता है भारतीय सिनेमा

रायसीना डायलॉग में बोले अनुराग ठाकुर, असीमित आयामों को छू सकता है भारतीय सिनेमा

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने आगे कहा कि हम पहले से ही हॉलीवुड फिल्मों के लिए पोस्ट-प्रोडक्शन का काम कर रहे हैं। नई नीति में बदलाव के साथ भारत दुनिया के लिए नया फिल्म निर्माण स्थल हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में बहुत सारे युवाओं को कंटेंड प्रोडक्शन और प्रोडक्शन में आते देखेंगे।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने रायसीना डायलॉग में आज अपना वक्तव्य दिया। इस दौरान अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत के सबसे हुनरमंद लोग उसके छोटे-छोटे शहरों से निकल कर आते हैं। विशेष रूप से अगर बात की जाए खेलकूद और सिनेमा की तो भारत के छोटे और मझोले शहरों ने ही देश को सबसे ज्यादा टैलेंटेड लोग दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब मैंने हॉलीवुड मूवी अवतार देखी तो मैंने सोचा कि क्या भारत में भी ऐसी फ़िल्में बन सकेंगी? पर जब मैंने बाहुबली देखी तब मैं आश्वस्त हुआ कि आधुनिक तकनीकों की मदद से भारतीय सिनेमा असीमित आयामों को छू सकता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने आगे कहा कि हम पहले से ही हॉलीवुड फिल्मों के लिए पोस्ट-प्रोडक्शन का काम कर रहे हैं। नई नीति में बदलाव के साथ भारत दुनिया के लिए नया फिल्म निर्माण स्थल हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में बहुत सारे युवाओं को कंटेंड प्रोडक्शन और प्रोडक्शन में आते देखेंगे। ठाकुर ने कहा कि भारत ने अब फिल्मों में तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। समृद्ध संस्कृति और इतिहास के साथ, भारत के पास दुनिया को दिखाने और बताने के लिए बहुत कुछ है। भारत एवीजीसी हब, पोस्ट-प्रोडक्शन हब हो सकता है, और मुझे यकीन है कि हम उस दिशा में अच्छा प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि भारत में बनीं हाल की फ़िल्में जैसे बाहुबली, RRR और KGF ने ये दिखाया है कि भारत के पास दुनिया के लिए फिल्ममेकिंग हब बनने की असीमित क्षमता है। आधुनिक तकनीकों से यह हर दिन संभव भी हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म सामान्य लोग और कलाकार को अपने कंटेंट प्रस्तुत करने के लिए एक मंच देता है जिसकी वजह से उन्हें पहचान मिलती है और रोजगार का भी मौका मिलता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रौद्योगिकी ने सभी को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच दिया है। पहले लोग नेताओं, क्रिकेटर्स और सेलिब्रिटीज को ही इन्फ्लुएंसर्स मानते थे। लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने आम आदमी को इन्फ्लुएंसर बनने का मौका दिया है। छोटे से छोटा कलाकार अब अपना हुनर पुरी दुनिया को दिखा सकता है।





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