Arvind Kejriwal ने कहा, बेहतर स्कूलों के लिए Gen-Alpha बच्चे कर रहे संघर्ष

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि देश के कोने-कोने में बच्चे अपने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 'जेन-जी' के बाद अब 'जेन-अल्फा' पीढ़ी ने मोर्चा संभाल लिया है। केजरीवाल ने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर, देहरादून और बाड़मेर में छात्रों की मांगों का उदाहरण दिया।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि ‘जेन-जी’ के बाद अब ‘जेन-अल्फा’ ने मोर्चा संभाल लिया है और सरकारी विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं के लिए अपनी आवाज उठाना शुरू कर दिया है। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर स्वतंत्रता दिवस के सदेश में कहा, ‘‘यह 15 अगस्त और भी ज्यादा खास है... ‘जेन-जी’ के बाद अब ‘जेन-अल्फा’ ने मोर्चा संभाल लिया है। देश के कोने-कोने में बच्चे अपने स्कूल को ठीक करवाने के लिए लड़ रहे हैं।
वे अपने स्कूल के लिए डेस्क, साफ पानी, शौचालय और शिक्षकों जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बच्चों ने अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीख लिया है। यही तो सच्ची आजादी है... आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।’’ केजरीवाल ने कहा कि देशभर में बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर, देहरादून और बाड़मेर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां छात्र बेहतर सड़कों और पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की मांग कर रहे हैं। जिस पीढ़ी का जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है, उन्हें ‘जेन-जी’ और जिस पीढ़ी का जन्म 2012 से 2024 के बीच हुआ उसे ‘जेन-अल्फा’ कहा जाता है।
अन्य न्यूज़














