Raihan Vadra की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर भड़के Ashok Gehlot, BJP सरकार पर साधा निशाना

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में फोटोग्राफर रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी से 70 से अधिक तस्वीरें हटाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इसे कलाकारों की आवाज दबाने और लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए भाजपा सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। गहलोत ने तिरंगे की तस्वीरें हटाने से इनकार करने पर रेहान के कदम की सराहना भी की।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली के बीकानेर हाउस से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा की फोटो प्रदर्शनी से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटाए जाने की निंदा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि कलाकारों की आवाज दबाना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर निशाना साधते हुए उससे जवाब देने को कहा कि ये तस्वीरें क्यों हटाई गईं। गहलोत ने एक बयान में कहा कि दिल्ली के बीकानेर हाउस में रेहान वाद्रा की फोटो प्रदर्शनी से 70 से अधिक तस्वीरें हटवा दी गईं।
उन्होंने कहा, ‘‘बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार की संपत्ति है। यानी भाजपा सरकार की निगरानी में एक युवा कलाकार की कला का गला घोंटा गया, जो बेहद निंदनीय है।’’ गहलोत के अनुसार इस प्रदर्शनी में कई तस्वीरें दिल्ली के युवा आंदोलनों की थीं। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को सबसे ज्यादा डर उसी सच से लगता है जो जनता के सामने आ जाए।
अगर सरकार एक फोटो प्रदर्शनी से घबरा जाती है तो इसका मतलब है कि वह इन आंदोलनों के दौरान उठाए गए अनुचित कदमों को छिपाना चाहती है।’’ उल्लेखनीय है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा ने बुधवार को कहा कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी एकल प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले दिल्ली में हाल में हुए विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी उनकी कई तस्वीरें हटा दीं। प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ का पूर्वावलोकन (प्रिव्यू) बुधवार को हुआ। यह प्रदर्शनी बृहस्पतिवार से आम लोगों के लिए खुलेगी।
गहलोत ने इसका जिक्र करते हुए कहा कि वाद्रा से तिरंगे की दो तस्वीरों को हटाने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने तिरंगे वाली तस्वीरें हटाने से साफ इनकार कर दिया। कांग्रेस नेता ने इसकी सराहना करते हुए कहा, ‘‘उनकी यह दृढ़ता सराहनीय है। उन्होंने दिखा दिया कि तिरंगे के सम्मान पर कोई समझौता नहीं हो सकता।’’ गहलोत ने कहा, ‘‘कलाकारों की आवाज दबाना लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
यह सेंसरशिप का स्पष्ट उदाहरण है। भाजपा सरकार जवाब दे कि सच्चाई बयां करने वाली तस्वीरें क्यों हटाई गईं।’’
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