सेमीकंडक्टर क्षेत्र में पेशेवरों की भारी कमी, आईटी उद्योग उठाए इसका फायदा: अश्विनी वैष्णव

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में करीब 10 लाख पेशेवरों की कमी है, जिसका भारत के आईटी उद्योग को फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष प्रयासों से देश में 12 सेमीकंडक्टर संयंत्रों पर काम चल रहा है, जिनमें से तीन में चिप उत्पादन भी शुरू हो चुका है। सरकार ने इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 315 विश्वविद्यालयों को आधुनिक डिजाइन टूल उपलब्ध कराए हैं।

हैदराबाद में आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में लगभग 10 लाख पेशेवरों की कमी का अनुमान है। उन्होंने देश के आईटी उद्योग से अपील की कि वे इस बड़े अवसर का भरपूर लाभ उठाएं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सेमीकंडक्टर उद्योग पर दिए जा रहे विशेष जोर के कारण देश में वर्तमान में 12 संयंत्र अलग-अलग चरणों में काम कर रहे हैं। इनमें से तीन संयंत्रों में चिप बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। भारत द्वारा निर्मित ये चिप्स जापान, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों को निर्यात किए जा रहे हैं।

अश्विनी वैष्णव ने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय आईटी उद्योग इस अवसर का बड़े स्तर पर फायदा उठा सकता है क्योंकि हमारे विशेषज्ञों को पता है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र में पूरी तरह से नए समाधानों को कैसे डिजाइन और विकसित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस उद्योग को मजबूत आधार देने के लिए केंद्र सरकार ने देश के 315 विश्वविद्यालयों को सबसे आधुनिक सेमीकंडक्टर 'डिजाइन टूल' उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा, भारत से निर्यात के मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स अब तीसरी सबसे बड़ी श्रेणी बन गया है, जिसमें मोबाइल फोन का निर्यात सबसे बड़ी संख्या में किया जा रहा है।

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