बंगाल में 22,887 अतिरिक्त मतदान केंद्र होंगे, CEC सुनील अरोड़ा बोले- जल्द होगा तारीखों का ऐलान

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 22, 2021   15:19
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बंगाल में 22,887 अतिरिक्त मतदान केंद्र होंगे, CEC सुनील अरोड़ा बोले- जल्द होगा तारीखों का ऐलान

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 78,903 मतदान केंद्र थे। अतिरिक्त मतदान केंद्र 22,887 होंगे। जिसके बाद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 1,01,790 हो जाएगी।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग के अधिकारियों ने राज्य के नेताओं और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि राजनीतिक दलों के साथ चर्चा के बाद ज्यादातर ने कहा कि चुनावों में बड़ी संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की जाए और पोलिंग स्टेशन पर वीडियोग्राफी हो ताकि सुरक्षित वोटिंग हो सके। उन्होंने सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए भी कहा है। 

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 78,903 मतदान केंद्र थे। अतिरिक्त मतदान केंद्र 22,887 होंगे। जिसके बाद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 1,01,790 हो जाएगी। इस बार सभी मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर होंगे। यह दिव्यांगजनों को ध्यान में रखकर और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए किया गया है।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव हो इसके लिए बैठक में चर्चा हुई। मिली जानकारी के मुताबिक जिस राज्य में चुनाव होगा वहां पर उस राज्य से संबंधित अधिकारियों की तैनाती नहीं की जाएगी। 

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जल्द होगा तारीखों का ऐलान

पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव की तारीखों के संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि जल्द ही एक साथ चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। वहीं, चुनावों के संबंध में 23 तारीख को चुनाव आयोग की आतंरिक बैठक होगी। 





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बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर बरसे वाड्रा, बोले- लोगों को राहत देने के बारे में सोचना चाहिए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   15:40
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बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर बरसे वाड्रा, बोले- लोगों को राहत देने के बारे में सोचना चाहिए

जयपुर की निजी यात्रा पर आए राबर्ट वाड्रा ने पेट्रोल- डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘महंगाई बढ़ी है, पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़े हैं। केंद्र सरकार को सोचना पड़ेगा कि लोगों के हित में क्या कदम उठाए जा सकते हैं।’’

जयपुर। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा ने बढ़ती महंगाई व पेट्रोल- डीजल की आसमान छूती कीमतों को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उसे लोगों को राहत देने के बारे में सोचना चाहिए। जयपुर की निजी यात्रा पर आए वाड्रा ने पेट्रोल- डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘महंगाई बढ़ी है, पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़े हैं। केंद्र सरकार को सोचना पड़ेगा कि लोगों के हित में क्या कदम उठाए जा सकते हैं।’’ 

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जयपुर की निजी यात्रा पर आए राबर्ट वाड्रा ने जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा- अर्चना की। वाड्रा ने अपने खिलाफ लगे विभिन्न आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि वह हर जांच में एजेंसियों को सारे दस्तावेज उपलब्ध करवा चुके हैं। वाड्रा ने कहा कि जितने भी आरोप लगाए हैं, सब बेबुनियाद हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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मुंबई के आर्थर जेल में रहेंगे भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी ! विशेष कोठरी तैयार की गई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   15:23
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मुंबई के आर्थर जेल में रहेंगे भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी ! विशेष कोठरी तैयार की गई

जेल अधिकारी ने बताया कि जेल में नीरव मोदी को रखने की तैयारी पूरी कर ली गयी है और उसे जब भी प्रत्यर्पित कर लाया जाएगा, तो उसके लिए जेल की कोठरी तैयार है।

मुम्बई। पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले में जालसाजी और धनशोधन के आरोपों पर भारत में वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के पक्ष में एक ब्रिटिश अदालत का फैसला आ जाने के साथ ही मुम्बई की आर्थर रोड जेल ने उसे रखने के लिए एक विशेष कोठरी तैयार कर ली है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जेल अधिकारी ने बताया कि नीरव मोदी को यहां लाये जाने के बाद उसे अतिसुरक्षा वाले बैरक नंबर 12 की तीन कोठरियों में से एक में रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जेल में नीरव मोदी को रखने की तैयारी पूरी कर ली गयी है और उसे जब भी प्रत्यर्पित कर लाया जाएगा, तो उसके लिए जेल की कोठरी तैयार है।’’ 

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ब्रिटेन के एक न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को कहा कि नीरव मोदी को अपने खिलाफ मामले में भारतीय अदालतों के समक्ष जवाब देना है और ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे संकेत मिलता हो कि भारत में उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी। नीरव मोदी प्रत्यर्पण के विरूद्ध करीब दो साल की अपनी कानूनी लड़ाई हार गया। आरोपों की गंभीरता की वजह से उसे बार- बार जमानत से वंचित होना पड़ा और वह मार्च, 2019 में गिरफ्तारी के बाद से लंदन की एक जेल में है। महाराष्ट्र के जेल विभाग ने 2019 में केंद्र को जेल की स्थिति और नीरव मोदी को रखने के लिए सुविधाओं के बारे में जानकारी दी थी।





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MP में नगर निकाय और पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, HC ने राज्य निर्वाचन आयोग को दिया आदेश

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   15:00
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MP में नगर निकाय और पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, HC ने राज्य निर्वाचन आयोग को दिया आदेश

उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति शैलेंद्र शुक्ला ने बृहस्पतिवार को दो याचिकाओं का निपटारा करते हुए ये निर्देश जारी किए। मामले से जुड़े वकीलों को इन याचिकाओं पर खंडपीठ का लिखित आदेश शुक्रवार को प्राप्त हुआ।

इंदौर। मध्य प्रदेश में नगर निकायों और पंचायतों के लंबे समय से टलते आ रहे चुनावों का रास्ता साफ हो गया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले से जुड़े पक्षों में सहमति बनने के बाद प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को यथाशीघ्र चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति शैलेंद्र शुक्ला ने बृहस्पतिवार को दो याचिकाओं का निपटारा करते हुए ये निर्देश जारी किए। मामले से जुड़े वकीलों को इन याचिकाओं पर खंडपीठ का लिखित आदेश शुक्रवार को प्राप्त हुआ। 

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अदालत ने आदेश में कहा, (संबद्ध पक्षों के बीच) सहमति बनी है कि याचिकाओं का निपटारा इन निर्देशों के साथ किया जा सकता है कि प्रतिवादी (प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग) नगर निकायों और पंचायतों के निर्वाचन की प्रकिया तेज करेंगे तथा ये चुनाव जल्द से जल्द संपन्न कराएंगे। पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और प्रदेश सरकार तथा राज्य निर्वाचन आयोग के जवाब पर गौर करने के बाद कहा कि संबद्ध पक्ष स्थानीय निकाय चुनाव कराने को लेकर सहमति पर पहुंच चुके हैं। 

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गौरतलब है कि प्रदेश में नगर निकायों और पंचायतों के चुनाव साल भर से ज्यादा समय से लंबित हैं। इंदौर के पूर्व पार्षद भारत पारख और पड़ोसी धार जिले के निवासी तोलाराम गामड़ ने उच्च न्यायालय में अलग-अलग याचिकाएं दायर कर कहा था कि प्रदेश में निकाय चुनाव कराने में विलंब से संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हो रहा है।





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