Ayodhya दान चोरी कांड: Trust का बड़ा एक्शन, अब New Guidelines से होगी दान की गिनती

Ayodhya
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अभिनय आकाश । Jul 11 2026 2:10PM

आरोपी करुणेश पांडे के पास से 15,000 रुपये कैश बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के बैंक ट्रांज़ैक्शन का रिकॉर्ड भी बरामद किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इससे यह समझने में मदद मिल रही है कि उन्होंने चोरी के पैसे को 'वैध' दिखाने की कोशिश कैसे की थी।

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के लिए दान को लेकर चल रहे विवाद के बीच, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान की गिनती के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नए नियमों में सुरक्षा की कड़ी जांच, बेहतर निगरानी और कर्मचारियों द्वारा दान को संभालने के तरीके शामिल हैं। संशोधित नियमों के अनुसार, अब दान की गिनती सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक की जाएगी। 

जांच जारी: कैश और सोने के गहने बरामद

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच के दौरान, जांचकर्ताओं ने चोरी किया गया कैश, सोने के गहने और एक चार-पहिया गाड़ी बरामद की है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह कार्रवाई तब हुई जब अधिकारियों ने बुधवार देर रात कई जगहों पर छापेमारी की, जो आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर की गई थी। अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से एक, अनुकल्प मिश्रा के पास से 20,000 रुपये कैश, सोने की चेन, एक मोबाइल फोन और मारुति स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई। उन्होंने बताया कि कार मिश्रा के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसके अलावा, पुलिस ने आरोपी लवकुश मिश्रा द्वारा अपनी पत्नी को तोहफे में दिया गया सोने का लॉकेट भी बरामद किया। उनके पास से 38,000 रुपये कैश भी मिला। वहीं, आरोपी करुणेश पांडे के पास से 15,000 रुपये कैश बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के बैंक ट्रांज़ैक्शन का रिकॉर्ड भी बरामद किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इससे यह समझने में मदद मिल रही है कि उन्होंने चोरी के पैसे को 'वैध' दिखाने की कोशिश कैसे की थी। 

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राम मंदिर में चोरी के मामले पर SIT की रिपोर्ट और अन्य जानकारी

राम मंदिर में दान की चोरी के मामले की जांच एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने 45 दिनों में चोरी की 70 कोशिशें कीं, जो CCTV में कैद हो गईं। अपनी शुरुआती रिपोर्ट में, SIT ने चोरी के लिए स्टाफ की निगरानी में बार-बार हुई चूक को जिम्मेदार ठहराया है। SIT की रिपोर्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि जांचकर्ताओं को पता चला कि उनकी देखरेख में ज़रूरी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) का पालन नहीं किया गया था।

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गौरतलब है कि मिश्रा अपने पद से हट गए हैं। उनके साथ ही चंपत राय ने भी ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा दे दिया है और उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। SIT द्वारा गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में राय के करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ ​​टिन्नू यादव भी शामिल हैं। जांच में पाया गया कि टिन्नू "बिना लिखित अनुमति के हुंडी की चाबियां/एक्सेस संभाल रहे थे"। हालांकि ट्रस्ट ने उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं, लेकिन उसने कहा है कि राय पद छोड़ने से 'नाराज़' नहीं हैं और नई व्यवस्था का समर्थन कर रहे हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने गुरुवार को कहा, "वह (चंपत) एक अनुभवी व्यक्ति हैं जिन्होंने अपना जीवन देश को समर्पित कर दिया है। वह नई (मंदिर प्रबंधन) व्यवस्था का पूरा समर्थन कर रहे हैं और वह नाराज़ या गुस्सा नहीं हैं। 

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