Baba Barfani की Amarnath Yatra शुरू, PM Modi ने शिव भक्तों को दी शुभकामनाएँ: मंगलमय हो दर्शन

पीएम मोदी ने अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं को पत्र लिखकर सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की, इसे भारत की आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत अध्याय बताया। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए बालटाल और नुनवान बेस कैंप से लाखों तीर्थयात्री रवाना हुए, जिनकी सुरक्षा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं।
अमरनाथ यात्रा शुरू होने पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं को पत्र लिखकर उनकी यात्रा के सुरक्षित और मंगलमय होने की कामना की। गौरतलब है कि वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुक्रवार को शुरू हुई, जब तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे बालटाल और नुनवान स्थित दो बेस कैंपों से दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर की यात्रा के लिए रवाना हुए। इस गुफा मंदिर में प्राकृतिक रूप से बना बर्फ का शिवलिंग है।
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मोदी ने क्या लिखा
मोदी ने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी अमरनाथ यात्रा हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का एक शाश्वत अध्याय है। मेरी कामना है कि शिव भक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो! इस पावन अवसर पर, तीर्थयात्रियों के नाम मेरे पत्र में पांच संकल्प शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में पहलगाम के नुनवान बेस कैंप और मध्य कश्मीर के गांदरबल में सोनमर्ग इलाके के बालटाल बेस कैंप से पुरुषों, महिलाओं और साधुओं समेत तीर्थयात्रियों के जत्थे सुबह-सुबह रवाना हुए।
उन्होंने आगे बताया कि जब संबंधित डिप्टी कमिश्नरों और SSP ने बेस कैंपों से जत्थों को हरी झंडी दिखाई, तो 'बम बम भोले' के जयकारों से माहौल गूंज उठा। गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर में यात्रा बेस कैंप से 4,809 से ज़्यादा तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
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28 अगस्त को संपन्न होगी तीर्थयात्रा
तीर्थयात्री दोपहर में कश्मीर घाटी पहुँचे और प्रशासन व स्थानीय लोगों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया। वे गुफ़ा मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, जहाँ प्राकृतिक रूप से बना बर्फ़ का शिवलिंग मौजूद है। यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) और अन्य अर्धसैनिक बलों के हज़ारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। हवाई निगरानी भी की जाएगी। 57 दिनों तक चलने वाली यह तीर्थयात्रा 28 अगस्त को संपन्न होगी।
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