शिवराज सरकार में भांजियाँ कही भी सुरक्षित नहीं - कमलनाथ

शिवराज सरकार में भांजियाँ कही भी सुरक्षित नहीं - कमलनाथ

मृत पीड़िता के परिजन आज प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनके निवास पर मिले।उन्होंने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए परिवार को न्याय व इंसाफ दिलाने की मांग कमलनाथ से की है। जिस पर कमलनाथ ने कहा कि मैं परिवार के साथ हूं ,उनकी हर लड़ाई लडूंगा।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्यारे मियां यौन शोषण की मृतक पीड़ित के परिजनों ने शनिवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलकर उन्हें न्याय दिलवाने की माँग की है। कमलनाथ से मिलने आए मृतिका के परिजनों ने इस पूरे मामले की सीबीआई जाँच की माँग की है। दो दिन पहले यौन शोषण की पीड़ित मृतिका का शव परिजनों को नहीं सौंपते हुए प्रशासन द्वारा शव को सीधे मुक्तिधाम ले जाया गया और अंतिम रीति रिवाज से भी उन्हें वंचित किया गया। हाथरस जैसी अमानवीयता मध्य प्रदेश के भोपाल में भी दोहराई गई।

 

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मृत पीड़िता के परिजन आज प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ  से उनके निवास पर मिले।उन्होंने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए परिवार को न्याय व इंसाफ दिलाने की मांग कमलनाथ से की है। जिस पर कमलनाथ ने कहा कि मैं परिवार के साथ हूं ,उनकी हर लड़ाई लडूंगा। शिवराज सरकार जब से प्रदेश में आई है ,तब से बहन-बेटियों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ गई है ,आज शिवराज सरकार में भांजियाँ कहीं भी सुरक्षित नहीं है। शिवराज सरकार में प्रदेश बहन-बेटियों से दुराचार में देश में शीर्ष पर पहुंच चुका है वो भी उस समय जब ऐसी कई घटनाओं को दबा दिया जाता है।किस मुँह से ये अपने आप को मामा कहते है।

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इस दौरान कमलनाथ ने कहा कि मैं परिजनों की सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करता हूं और शिवराज सरकार से मांग करता हूं इस पूरे मामले को देखते हुए और पीड़िता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को देखते हुए व अन्य पीड़ित बच्चियों की तबीयत खराब होने को देखते हुए इस पूरे मामले की सीबीआई जांच आवश्यक रूप से होना चाहिए। वही कमलनाथ  ने शराब की दुकानों को लेकर चर्चा के दौरान कहा कि शिवराज सरकार में भले घर-घर तक राशन नहीं पहुंच रहा है, लेकिन शराब जरूर पहुंच रही है। शिवराज सरकार की शराब की दुकानों को बढ़ाने की पूरी तैयारी थी लेकिन विरोध को देखते हुए ये पीछे हट गये। उन्होंने कहा कि शिवराज जी और उमा भारती जी को आपस में बैठकर चर्चा कर यह तय कर लेना चाहिए कि प्रदेश में शराब की दुकानें बढ़े या शराबबंदी हो। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा भी उपस्थित थे।





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