बाबरी मस्जिद प्रकरण: सुनवाई पूरी करने के लिये छह माह का और वक्त चाहते हैं विशेष जज

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 15, 2019   20:46
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बाबरी मस्जिद प्रकरण: सुनवाई पूरी करने के लिये छह माह का और वक्त चाहते हैं विशेष जज

न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले में अतिविशिष्ट आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप बहाल करने की अनुमति प्रदान की थी।

नयी दिल्ली। अयोध्या में दिसंबर, 1992 में विवादास्पद बाबरी मस्जिद ढांचा गिराये जाने से संबंधित मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ने इसकी सुनवाई पूरी करने के लिये छह महीने का समय और उपलब्ध कराने के अनुरोध के साथ उच्चतम न्यायालय में सोमवार को एक आवेदन दायर किया। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, डा मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और कई अन्य नेताओं पर मुकदमा चल रहा है। लखनऊ स्थितविशेष न्यायाधीश ने 25 मई को शीर्ष अदालत को एक पत्र लिखकर सूचित किया है कि वह 30 सितंबर, 2019 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस मामले में शीर्ष अदालत ने अपने 19 अप्रैल, 2017 के आदेश में आडवाणी, जोशी और उमा भारती के अलावा भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार और साध्वी ऋतंबरा के खिलाफ भी आपराधिक साजिश के आरोप शामिल किये थे। इस मामले में नामित तीन अन्य अतिविशिष्ट व्यक्तियों का निधन हो चुका है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि कल्याण सिंह, जो इस समय राजस्थान के राज्यपाल हैं, को संविधान के तहत इस पद पर रहने तक छूट प्राप्त है। कल्याण सिंह के कार्यकाल के दौरान ही दिसंबर, 1992 में इस विवादित ढांचे को गिराया गया था। 

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न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ के समक्ष यह मामला सोमवार को विचार के लिये सूचीबद्ध था। पीठ ने कोई ऐसा रास्ता निकालने में उत्तर प्रदेश सरकार से मदद चाही है जिससे विशेष न्यायाधीश द्वारा इस मामले में फैसला सुनाये जाने तक उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सके। राज्य सरकार को 19 जुलाई को न्यायालय को इस बारे में अवगत कराना है। पीठ ने कहा, ‘‘दो साल तक लगभग रोजाना सुनवाई करने के बाद विशेष न्यायाधीश अब इस मामले की सुनवाई पूरी करने के करीब हैं और वह इसे पूरा करने तथा फैसला सुनाने के लिये छह महीने से थोड़ा अधिक समय चाहते हैं।’’ पीठ ने कहा, ‘‘हालांकि, 25 मई, 2019 को हमें लिखे गये पत्र में उन्होंने संकेत दिया है कि वह 30 सितंबर, 2019 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। हमारी राय है कि विशेष न्यायाधीश के लिये यह महत्वपूर्ण होगा कि इस कार्यवाही को पूरा करके अपना फैसला सुनायें। सारे तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर हम राज्य सरकार से इस मामले में हमारी मदद करने का अनुरोध करते हैं। शुक्रवार को इसे सूचीबद्ध किया जाये।’’ उप्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी से पीठ ने कहा कि इसका रास्ता खोजें। पीठ ने नियमों का भी हवाला दिया जिसके तहत न्यायाधीश का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।

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पीठ ने कहा कि आप कोई रास्ता खोजें और यदि संभव हुआ तो हम संविधान के अनुच्छेद 142 में प्रदत्त अधिकार का इस्तेमाल करके कार्यकाल बढ़ा सकते हैं। शीर्ष अदालत ने 19 अप्रैल, 2017 को राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले की रोजाना सुनवाई करके इसे दो साल के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया था। न्यायालय ने मध्यकालीन इस संरचना को गिराये जाने की घटना को ‘अपराध’ करार देते हुये कहा था कि इसने संविधान के पंथनिरपेक्ष ताने बाने को चरमरा दिया। न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले में अतिविशिष्ट आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप बहाल करने की अनुमति प्रदान की थी। शीर्ष अदालत ने आडवाणी और पांच अन्य के खिलाफ राय बरेली के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित कार्यवाही लखनऊ में अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश की अदालत में स्थानांतरित कर दी थी। न्यायालय ने कहा था कि सत्र अदालत सीबीआई द्वारा दायर संयुक्त आरोप पत्र में दर्ज प्रावधानों के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी तथा अन्य धाराओं के तहत अतिरिक्त आरोप निर्धारित करेगी। जांच ब्यूरो ने चंपत राय बंसल, सतीश प्रधान, धर्म दास, महंत नृत्य गोपाल दास, महामण्डलेश्वर जगदीश मुनि, राम बिलास वेदांती, बैकुण्ठ लाल शर्मा और सतीश चंद्र नागर के खिलाफ संयुक्त आरोप पत्र दाखिल किया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि साक्ष्य दर्ज करने के लिये निर्धारित तारीख पर सीबीआई यह सुनिश्चित करेगी कि अभियोजन के शेष गवाहों में से कुछ उपस्थित रहें ताकि गवाहों की अनुपस्थिति की वजह से सुनवाई स्थगित नहीं करनी पड़े। शीर्ष अदालत नेभाजपा नेता आडवाणी और अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप हटाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 12 फरवरी, 2001 के फैसले को त्रुटिपूर्ण करार दिया था।





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अंडमान-निकोबार में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 4,983 हुए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:14
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अंडमान-निकोबार में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 4,983 हुए

अंडमान में कोरोना वारयस संक्रमण का एक नया मामला सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटे में एक व्यक्ति संक्रमणमुक्त भी हुआ और केन्द्र शासित प्रदेश में ठीक हुए लोगों की संख्या अब 4,896 हो गई। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में 25 लोगों का अभी कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है।

पोर्ट ब्लेयर। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 का एक नया मामला सामने आने के बाद केन्द्रशासित प्रदेश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 4,983 हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान करने के क्रम में ये नए मामले सामने आए।

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अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटे में एक व्यक्ति संक्रमणमुक्त भी हुआ और केन्द्र शासित प्रदेश में ठीक हुए लोगों की संख्या अब 4,896 हो गई। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में 25 लोगों का अभी कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है। यहां वायरस से अभी तक 62 लोगों की मौत हुई है। अधिकारी ने बताया कि अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह प्रशासन ने अभी तक कुल 2,03,739 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की है। यहां संक्रमण की दर 2.45 प्रतिशत है।





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गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली से जुड़ी याचिका पर सुनवाई टली, अब 20 जनवरी को होगी

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 18, 2021   11:55
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गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली से जुड़ी याचिका पर सुनवाई टली, अब 20 जनवरी को होगी

याचिका के जरिए दिल्ली पुलिस 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में व्यवधान डाल सकने वाले किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली या इसी तरह के अन्य प्रदर्शन को रोकने के लिए न्यायालय से आदेश जारी करने का अनुरोध किया था।

नयी दिल्ली। किसानों की ट्रैक्टर रैली से जुड़ी दिल्ली पुलिस की याचिका को उच्चतम न्यायालय ने फिलहाल टाल दिया है। बता दें कि अब 20 जनवरी को सुनवाई होगी।उल्लेखनीय है कि याचिका के जरिए दिल्ली पुलिस 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में व्यवधान डाल सकने वाले किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली या इसी तरह के अन्य प्रदर्शन को रोकने के लिए न्यायालय से आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। 





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दिल्ली में बादल छाने के कारण न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   11:44
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दिल्ली में बादल छाने के कारण न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा

दिल्ली में बादल छाने से न्यूनतम तापमान बढ़ गया है।उल्लेखनीय है कि 0-50 के बीच एक्यूआई को ‘बेहतर’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।

नयी दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दिल्ली में सोमवार को पुरवाई हवाएं चलने और आंशिक रूप से बादल छाये रहने के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उसने बताया कि अधिकमत तापमान के 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है। रविवार को न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमश: 5.7 और 15.3 डिग्री सेल्सियस रहने के कारण दिनभर ठंड की स्थिति बनी रही थी।

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आईएमडी के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में पुरवाई हवा चल रही है, जो बर्फ से ढके पश्चिमी हिमालय से आने वाली उत्तर पश्चिमी हवाओं के मुकाबले कम सर्द होती हैं। इस बीच, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह नौ बजे 380 दर्ज किया गया। रविवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 347 था। शनिवार को यह 407, शुक्रवार को 460, बृहस्पतिवार को 429 और बुधवार को 354 था। उल्लेखनीय है कि 0-50 के बीच एक्यूआई को ‘बेहतर’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।





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