Balagokulam संस्थापक और वरिष्ठ RSS प्रचारक MA Krishnan का कोच्चि में निधन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और बालगोकुलम के संस्थापक एम. ए. कृष्णन ने कोच्चि के अमृता अस्पताल में 97 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। केरल में जन्माष्टमी पर शोभायात्राओं की शुरुआत कराने वाले कृष्णन लंबे समय तक प्रांत बौद्धिक प्रमुख और केसरी पत्रिका के संपादक रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक एवं बालगोकुलम संस्था के संस्थापक एम. ए. कृष्णन का मंगलवार को यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 97 वर्ष के थे। संघ के सूत्रों ने बताया कि स्वयंसेवकों के बीच एम. ए. सर के नाम से मशहूर कृष्णन ने यहां अमृता अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।
भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले जन्माष्टमी समारोह के दौरान बालगोकुलम पूरे केरलम में बच्चों के लिए शोभा यात्राएं और कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। राज्य में जन्माष्टमी के मौके पर रंग-बिरंगी शोभायात्राएं निकाली जाती हैं जिनमें बच्चे कृष्ण और राधा के वेष में शामिल होते हैं, जो अब राज्य में जन्माष्टमी के समारोहों का अभिन्न हिस्सा बन गई है। कृष्णन ‘तपस्या कला साहित्य वेदी’ के संस्थापक थे और संघ की कई पहलों के मार्गदर्शक भी थे।
वह कई सांस्कृतिक और सामाजिक पहलों जैसे अमृता भारती, बालसंस्कार केंद्र, बालसाहिति प्रकाशन, इंटरनेशनल श्री कृष्ण सेंटर और ‘सौरक्षिका’ से जुड़े थे। सौरक्षिका बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर केंद्रित अभियान है। उन्होंने लंबे समय तक आरएसएस के प्रांत बौद्धिक प्रमुख और प्रचार प्रमुख के तौर पर काम किया।
वह संघ से संबद्ध पत्रिका ‘केसरी’ के संपादक भी रहे। कोल्लम जिले के अयूरकाला में 17 जनवरी, 1929 को जन्मे कृष्णन ने अपने करियर की शुरुआत कोट्टायम के वाजूर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक के तौर पर की थी। वह 1954 में प्रचारक के तौर पर आरएसएस से जुड़े तथा उन्होंने कोट्टायम, एर्णाकुलम, अलाप्पुझा और कोल्लम जिलों में संघ प्रचारक के रूप में अपनी सेवा दी।
वह 1964 में केसरी के संपादक बने। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने मालाबार के मंदिरों और धर्म परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर एक श्रृंखला लिखी एवं प्रकाशित की। उन्होंने ‘द लीजेंड ऑफ नीला’ नामक एक विशेष अंक के जरिए भरतपुझा नदी को बचाने की जरूरत पर भी बल दिया।
कृष्णन ने अपने जीवन के आखिरी साल एलामाकारा में स्थित संघ के दक्षिण केरल प्रांतीय कार्यालय, ‘माधव निवास’ में बिताए। उन्हें 2008 में कोलकाता के बड़ाबाजार पुस्तकालय की ओर से ‘विवेकानंद सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया और ‘वीरश्री वेलुथंपी मेमोरियल सेवा पुरस्कार’ समेत कई अन्य सम्मान भी मिले। संघ सूत्रों के अनुसार आज शाम उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा।
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