Bihar Food: बिहार में बाढ़ से तबाही, 16 जिलें प्रभावित, उफान पर कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियां

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अंकित सिंह । Sep 30 2024 1:06PM

रविवार को 24 घंटे में छह बैराज टूटने से स्थिति बिगड़ गई, जिससे कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियां उफान पर आ गईं, जिससे भारत-नेपाल सीमा के पास के जिले गंभीर रूप से प्रभावित हुए।

बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। नेपाल की सीमा से लगे जिलों में कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियाँ उफान पर हैं। राज्य के बाहर से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की छह टीमों को बुलाया गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रभावित जिलों में स्कूलों और बिजली ग्रिडों में पानी भर गया है। वर्तमान में, 12 एनडीआरएफ टीमें और 22 राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) टीमें पूरे बिहार में बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल हैं।

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रविवार को 24 घंटे में छह बैराज टूटने से स्थिति बिगड़ गई, जिससे कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियां उफान पर आ गईं, जिससे भारत-नेपाल सीमा के पास के जिले गंभीर रूप से प्रभावित हुए। नेपाल में लगातार हो रही बारिश कम होने के कारण सोमवार को बैराजों से पानी का डिस्चार्ज कम कर दिया गया। बागमती नदी का तटबंध रविवार शाम को सीतामढी जिले में कम से कम चार स्थानों पर टूट गया, जिससे इसके किनारे रहने वाले हजारों लोग प्रभावित हुए। पश्चिम चंपारण और शिवहर जिलों में भी तटबंध टूट गए, पश्चिम चंपारण में गंडक नदी टूटने से बड़ी मात्रा में बाढ़ का पानी वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में पहुंच गया।

अधिकारियों के अनुसार, कल रात बाढ़ के कारण उफनती कोसी नदी ने किरतपुर प्रखंड के पास अपने तटबंध तोड़ दिये, जिससे किरतपुर और घनश्यामपुर प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड के रूपौली गांव के समीप कल रात बागमती नदी के तटबंध टूट गये और एक स्थान पर पानी का रिसाव होने लगा। इस बीच शिवहर जिले के तरियानी छपरा गांव के पास रविवार की शाम बागमती के पश्चिमी तटबंध टूटने से तरियानी छपरा सहित आसपास के गांवों में पानी भर गया। 

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बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार को कहा कि घबराने की बात नहीं है... स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जल संसाधन विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं और चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। अब तक राज्य के विभिन्न हिस्सों से तटबंधों में दरार की कुल छह घटनाएं सामने आई हैं। उनमें से कुछ की मरम्मत पहले ही हो चुकी है और कुछ जगहों पर मरम्मत का काम जारी है। राज्य के बाढ़ से प्रभावित जिलों में पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, पटना, जहानाबाद, मधुबनी, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और भोजपुर आदि शामिल हैं।

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