National Cancer Awareness Day: हर साल 07 नवंबर को मनाया जाता है राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस, जानें इतिहास

देश में हर साल 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2014 में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को समय पर जांच, रोकथाम और उपचार के प्रति जागरूक कर कैंसर से पीड़ित मरीजों का हौसला बढ़ाना है।
हर साल 07 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को कैंसर के प्रति जागरुक करने के साथ कैंसर से पीड़ित मरीजों का हौसला बढ़ाना है। हर साल कैंसर से देश में लाखों लोगों की मौत होती है। वहीं साल 2021 में करीब 1 करोड़ लोगों की कैंसर की वजह से मौत हुई थी। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साल 2050 तक वैश्विक कैंसर की दर 75% तक बढ़ने की उम्मीद जताई है।
यही कारण है कि राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के मौके पर भारत में कैंसर की रोकथाम, शुरूआती पहचान और उपचार के बारे में लोगों को जागरुक करना है। तो आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम आदि के बारे में...
इतिहास
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भारत को पोलियो मुक्त बनाने वाले डॉ हर्षवर्धन द्वारा सबसे पहले 07 नवंबर 2014 को राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाया गया था। देश में बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए उन्होंने कैंसर के प्रति लोगों को जागरुक करने का फैसला किया।
महत्व
राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाए जाने के पीछे का उद्देश्य कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करना है। साथ ही लोगों को समय पर इस रोग की जांच कराने के लिए प्रेरित करना और कैंसर से बचाव के उपायों के बारे में लोगों को जागरुक करना है।
थीम
हर साल राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस के मौके पर एक खास थीम रखी जाती है। इस बार राष्ट्री कैंसर जागरूकता दिवस की थीम 'Hope, love and Strenght: our weapons against cancer' रखी गई है।
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