एक किसान से राजनेता बने नारनभाई कच्छड़िया, कृषि अनुसंधान में रखते है काफी रुचि

एक किसान से राजनेता बने नारनभाई कच्छड़िया, कृषि अनुसंधान में रखते है काफी रुचि
Twitter

किसान से राजनेता बने नारनभाई 2009 में गुजरात के अमरेली निर्वाचन क्षेत्र से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्हें कृषि अनुसंधान और समाचार पढ़ने में काफी रुचि है। साल 1995 से 2000 तक नारनभाई पंचायत परिषद के जिला अध्यक्ष थे।

नारनभाई कच्छड़िया गुजरात से लोकसभा सांसद हैं और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। उनका जन्म 25 अप्रैल 1955 को गुजरात के अमरेली में हुआ। एक किसान से राजनेता बने नारनभाई 2009 में गुजरात के अमरेली निर्वाचन क्षेत्र से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्हें कृषि अनुसंधान और समाचार पढ़ने में काफी रुचि है। साल 1995 से 2000 तक नारनभाई पंचायत परिषद के जिला अध्यक्ष थे। फिर 2000 से 2005 तक उन्होंने पंचायत परिषद के अध्यक्ष का कार्यकाल संभाला। 9 नवंबर 2005 में वह गुजरात के अमरेली में पंचायत उपाध्यक्ष बने। नारनभाई 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नीलाबेन वीरजीभाई थुम्मर को 37,317 मतों से हराया है।

इसे भी पढ़ें: अनुच्छेद 370 निरस्त किये जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर छुट्टियों के बाद सुनवाई

31 अगस्त 2009-18 मई 2014 तक कृषि संबंधी स्थायी समिति के सदस्य बने रहे। मई 2014 से वह 16वीं लोकसभा यानि की दूसरा कार्यकाल के लिए फिर से चुने गए। फिर 2014 में ही उन्हें सरकारी आश्वासनों पर समिति के सदस्य बने। इसके अलावा वह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस पर स्थायी समिति सदस्य, सलाहकार समिति, विद्युत मंत्रालय और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सदस्य भी रहे। केवल 12वीं तक शिक्षा हासिल कर चुके नारनभाई अब आगे की पढ़ाई कर रहे है। वह डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मुक्त विश्वविद्यालय अहमदाबाद से बीए की शिक्षा हासिल कर रहे है। उन्होंने मुक्ताबेन कछाड़िया से शादी की और उनके दो बेटे और एक बेटी है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।