राजस्थान में बर्ड फ्लू का कहर, 443 और पक्षियों की मौत, 16 जिले प्रभावित

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   08:23
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राजस्थान में बर्ड फ्लू का कहर, 443 और पक्षियों की मौत, 16 जिले प्रभावित

जांच के लिए भेजे गए 251 नमूनों में से 62 नमूनों में संक्रमण पाया गया है। पशुपालन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को 296 कौए, 34 कबूतर, 16 मौर और 97 अन्य पक्षियों की मौत हो गई।

जयपुर। राजस्थान में बुधवार को 443 और पक्षियों की मौत हो गई। राज्य के 33 जिलों में से 16 जिले बर्ड फ्लू संक्रमण से प्रभावित है। जांच के लिए भेजे गए 251 नमूनों में से 62 नमूनों में संक्रमण पाया गया है। पशुपालन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को 296 कौए, 34 कबूतर, 16 मौर और 97 अन्य पक्षियों की मौत हो गई। 

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रिपोर्ट के मुताबिक 25 दिसम्बर से अब तक राज्य में 4,390 पक्षियों की मौत हो चुकी है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के पोल्ट्री फार्म बर्ड फ्लू संक्रमण से अब तक सुरक्षित है। पिछले कुछ दिनों में विभाग ने कोटा, बूंदी और झालावाड़़ पोल्ट्री फार्म के नमूनों को जांच लिये भेजा था और रिपोर्ट में नमूनों में संक्रमण नहीं पाया गया। उदयपुर जिला भी सुरक्षित है क्योंकि वहां अभी तक मृत पक्षी नहीं पाए गए हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी: कांग्रेस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   16:30
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प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी: कांग्रेस

गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था ‘ऑक्सफैम’ ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भारतीय अरबपतियों की संपत्ति 35 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि इस दौरान करोड़ों लोगों के लिए आजीविका का संकट पैदा हो गया।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने ‘ऑक्सफैम’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘गलत नीतियों एवं प्राथमिकताओं’ के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी जी की ग़लत नीतियों और प्राथमिकताओं से देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है। ऑक्सफैम की नयी रिपोर्ट के अनुसार मोदी जी के मित्रों व देश के सबसे अमीर अरबपतियों की संपत्ति 35 प्रतिशत बढ़ी, वहीं अप्रैल में हर घंटे 1.7 लाख लोगों ने अपनी नौकरी खोई !’’

उल्लेखनीय है कि गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था ‘ऑक्सफैम’ ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भारतीय अरबपतियों की संपत्ति 35 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि इस दौरान करोड़ों लोगों के लिए आजीविका का संकट पैदा हो गया। ऑक्सफैम की रिपोर्ट ‘इनइक्वलिटी वायरस’ में कहा गया, ‘‘मार्च 2020 के बाद की अवधि में भारत में 100 अरबपतियों की संपत्ति में 12,97,822 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इतनी राशि का वितरण यदि देश के 13.8 करोड़ सबसे गरीब लोगों में किया जाए, तो इनमें से प्रत्येक को 94,045 रुपये दिए जा सकते हैं।





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क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 25, 2021   16:08
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क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया।

पूर्वी लद्दाख में तनाव को लेकर भारत और चीन के बीच रविवार को कमांडर स्तर की 9वें दौर की वार्ती हुई। यह मीटिंग चीनी सीमा रेखा में स्थित मोल्डो में हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक भारत ने एक बार फिर चीन से पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाली जगहों से अपनी सेनाओं को पीछे हटाने का कहा, ताकि तनाव कम हो।वहीं सिक्कम से दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की खबर आज सामने आई है। इस झड़प में चीन के 20 सैनिकों के घायल होने की भी खबर है। लेकिन संवाद और विवाद की दो अलग-अलग खबरों के बीच पिछले 8 महीने से लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे सैन्य गतिरोध के दौर में एक खबर ऐसी भी है जिससे प्रतीत होता दिख रहा है कि लद्दाख मसला अब नरमी से हल हो जाएगा।  9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया। 

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इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टेंशन कम हो जाएगा यह तो नही पता लेकिन इतना जरूर है कि भारत चीन के बीच जारी संवादों या फिर सैन्य कमांडरों के बीच चलने वाले हॉटलाइन पर इसका सकारात्मक संदेश जाएगा। सूत्रों की मानें तो दो देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद भारतीय सेना के इस पहल से चीनी सैन्य अधिकारियों पर सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने इसके लिए भारत का आभार भी जताया है। 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टीनेंट जेनरल पी जी के मेनन और दिल्ली के नेतृत्व ने यह फैसला लिया कि चीनी सैनिक को वापस भेज दिया जाए।

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11जनवरी को मोलडो क्रासिंग पर चीनी जवान को वापस सौप दिया गया। भारतीय सेना के इस कदम को सद्भावना वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय सेना ने ऐसी ही सद्भावना पिछले साल अक्टूबर में भी दिखयी थी जब देमचोक सेक्टर से एक चीनी सिपाही पकड़ा गया था। चीन के अंदर सोशल मीडिया पर भी चीनी सैनिक की वापसी को काफी सराहा जा रहा है और इसपर गर्मजोशी से सकारात्मक चर्चा भी हो रही हैं। चीनी सेना ने ऑन रिकॉर्ड  इस पहल के लिए भारीतय सेना की काफी प्रसंसा और सराहना की है। अब इस तरह की प्रसंसा का ग्राउंड पर कितना असर दिखेगा, यह अभी नही कहा जा सकता लेकिन भारतीय सेना ने अक्टूबर से जनवरी 2021 के दौरान अपने सद्भावना भरे कदमों से पीएलए को आश्चर्य चकित जरूर कर दिया।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


आजाद मैदान की किसान रैली में शामिल हुए शरद पवार, बोले- राज्यपाल के पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 25, 2021   15:56
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आजाद मैदान की किसान रैली में शामिल हुए शरद पवार, बोले- राज्यपाल के पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि मुंबई ने देश की आजादी की लड़ाई में आक्रामक भूमिका निभाई, मुंबई में मजदूर वर्ग एकजुट होकर महाराष्ट्र की मांग के लिए सड़कों पर उतरे, इस बार किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए महाराष्ट्र के सभी कोनों से लोग मुंबई आए हैं।

मुंबई। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान की रैली में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में किसान पहुंचे हैं। इन किसानों को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने संबोधित किया। शरद पवार के साथ किसानों के प्रदर्शन में महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट भी शामिल हुए।

शरद पवार ने कहा कि मुंबई ने देश की आजादी की लड़ाई में आक्रामक भूमिका निभाई, मुंबई में मजदूर वर्ग एकजुट होकर महाराष्ट्र की मांग के लिए सड़कों पर उतरे, इस बार किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए महाराष्ट्र के सभी कोनों से लोग मुंबई आए हैं। दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के बारे में पवार ने कहा कि यह आंदोलन देश के अबतक के इतिहास का किसी भी विवाद के बिना लंबे समय तक चलने वाला आंदोलन है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शरद पवार ने कंगना रनौत के नाम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास कंगना रनौत से मिलने का समय है लेकिन उनके पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं है। बता दें कि किसान राजभवन तक मार्च निकालने वाले थे लेकिन उन्हें मुंबई पुलिस ने मार्च करने की इजाजत नहीं दी। जिसके बाद अब किसानों का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के लिए राजभवन जाएगा।





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