मेरा इस्तेमाल कर 2014 में सत्ता में आई थी भाजपा: अन्ना हजारे

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हजारे को देखने वाले डाक्टर धनन्जय पोटे ने सोमवार को कहा, ‘‘अन्ना का अब वजन 71.1 किलोग्राम है और अनशन शुरू करने के समय से उनका सवा चार किलोग्राम वजन घट चुका है।

रालेगण सिद्धि (महाराष्ट्र)। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का बीते छह दिन में अनशन के दौरान करीब सवा चार किलोग्राम वजन कम हो गया है। वह लोकपाल की नियुक्ति को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। हजारे के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ने के बीच, शिवसेना और मनसे ने भाजपा नीत सरकार से हजारे का जीवन बचाने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की। हजारे ने केन्द्र तथा महाराष्ट्र में लोकपाल एवं लोकायुक्त नियुक्ति और किसानों के मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र के अहमदनगर में अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि में 30 जनवरी को अनशन शुरू किया था।

हजारे ने कहा, ‘‘लोकपाल और लोकायुक्त के मेरे रामलीला मैदान आंदोलन के दौरान पूरा देश मेरे साथ खड़ा हुआ। एक माहौल बना। यही कारण है कि आप (भाजपा) सत्ता में आए। अब आप उन लोगों से धोखा कर रहे हैं जो आपको सत्ता में लेकर आए।’’ हजारे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अरुण जेटली और सुषमा स्वराज जैसी नेताओं ने कभी संसद में लोकपाल की मांग का पुरजोर बचाव किया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद वे इस पर चुप हैं। लगता है कि उन्हें लोकपाल और लोकायुक्त से नफरत हो गई है। आंदोलन से वे सत्ता में आए लेकिन वे इसे भूल गए हैं।’’ 

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हजारे को देखने वाले डाक्टर धनन्जय पोटे ने सोमवार को कहा, ‘‘अन्ना का अब वजन 71.1 किलोग्राम है और अनशन शुरू करने के समय से उनका सवा चार किलोग्राम वजन घट चुका है। उनका रक्तचाप भी अनशन के कारण बढ रहा है।’’ गांववालों ने हजारे के स्वास्थ्य पर नजर रखने तथा प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार करने के लिए पोटे से कहा है। सरकारी अधिकारियों सहित कई लोगों ने बीते छह दिन में हजारे से बात करके उनसे अनशन खत्म करने को कहा है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे तथा जल पुरुष नाम से विख्यात राजेंद्र सिंह ने सोमवार को हजारे से मुलाकात की और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया। 

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