निकाय चुनावों के मद्देनजर बीजेपी की तैयारी शुरू, 1200 सीटों पर मुस्लिमों को साधने की रणनीति बनी

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रितिका कमठान । Oct 07, 2022 12:44PM
उत्तर प्रदेश में वर्ष के अंत में निकाय चुनाव होने हैं जिसे लेकर पार्टी ने अल्पसंख्यक वर्ग को साधना शुरू कर दिया है। पार्टी खास रणनीति के तहत अल्पसंख्यक वार्ड और नगर पंचायतों में सिंबल के तौर पर प्रत्याशी उतारेगी। इस रणनीति को लागू करने के लिए पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने काम शुरू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश में इस वर्ष के अंत में निकाय चुनाव होने है, जिसके लिए जोर शोर से बीजेपी तैयारियों में जुट गई है। संभावना है कि बीजेपी इस वर्ष निकाय चुनावों में मुस्लिमों को टिकट देने पर विचार कर रही है। बीजेपी ने इस संबंध में खास रणनीति बनाई है, जिसके तहत अल्पसंख्यक वोटरों को साधने की कोशिश की जाएगी। 

इस कड़ी में वार्ड और नगर पंचायत में पकड़ मजबूत करने के लिए बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा को जिम्मेदारी दी गई है। अल्पसंख्यक मोर्चा राज्य में बैठक कर मुस्लिम बहुल इलाकों में पार्टी मुस्लिमों को टिकट देगी। मीडिया को दिए इंटरव्यू में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बासित अली ने कहा कि राज्य में 1200 ऐसे वार्ड हैं जहां अल्पसंख्यक समाज काफी निर्णायक है। इस बार पार्टी ने ऐसे वार्डों में एक उम्मीदवार को टिकट देकर पार्टी के सिंबल के तौर पर उतारने का फैसला किया है। 

उन्होंने बताया कि बीते आठ वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के जरिए अल्पसंख्यक समाज ने भाजपा के साथ मजबूती साधी है। राज्य में करीब साढ़े चार करोड़ अल्पसंख्यक समाज के लाभार्थी है। जानकारी के मुताबिक हर बूथ पर लगभग 100 अल्पसंख्यक है। संभावना है कि ये अल्पसंख्यक वोट में बदलेंगे। माना जा रहा है कि अगर ये अल्पसंख्यक वर्ष 2024 में वोट देंगे तो इसका लाभ बीजेपी को होगा।

पार्टी कर रही गरीबों और शोषितों के लिए काम

पार्टी लगातार शोषितों, गरीबों और वंचितों के लिए काम कर रही है। पार्टी द्वारा लगातार किए गए कार्यों के बदौलत राज्य में मुस्लिमों को जीत मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी हर तरफ से मुस्लिमों को साधेगी क्योंकि पूर्व की सरकारों ने उनके लिए काम नहीं किया है। मगर भाजपा सरकार के आने के बाद से राज्य में उनकी स्थिति में सुधार देखने को मिला है। बीजेपी सरकार ने अल्पसंख्यकों को योजनाओं में शामिल करते हुए 20 लाख से अधिक आवास उपलब्ध कराए है। 

उन्होंने आगे कहा की बीजेपी विपक्ष की तरह तुष्टिकरण की राजनीति करने से बचती है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मोर्चे में 80 फीसदी लोग भी पसमांदा समाज से आते है। वर्तमान में राज्य में अल्पसंख्यक आयोग, उर्दू अकादमी, मदरसा आयोग आदि के अध्यक्ष इसी समाज से ताल्लुक रखते है।

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