भाजपा सरकार ने सदैव लोकहित को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लिए

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सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में बिजली की दरों को संशोधित करना और 60 यूनिट तक कोई शुल्क न लेने का निर्णय लोकहित में है। प्रदेश में 60 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को अब बिल अदा नहीं करना पड़ेगा। वहीं 125 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को एक रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल की राशि अदा करनी होगी। इससे पूर्व प्रदेश में 125 यूनिट बिजली उपयोग करने पर 1.90 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल अदा करना पड़ता था।

शिमला ।  शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां  कहा कि भाजपा सरकार ने सदैव लोकहित को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लिए हैं और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। 

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में बिजली की दरों को संशोधित करना और 60 यूनिट तक कोई शुल्क न लेने का निर्णय लोकहित में है। प्रदेश में 60 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को अब बिल अदा नहीं करना पड़ेगा। वहीं 125 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को एक रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल की राशि अदा करनी होगी। इससे पूर्व प्रदेश में 125 यूनिट बिजली उपयोग करने पर 1.90 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल अदा करना पड़ता था। इसके अलावा किसानों के लिए तय की गई 50 पैसे प्रति यूनिट की दर को कम कर 30 पैसे कर दिया है।

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शहरी विकास मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल विभिन्न माध्यमों से काफी दिनों से भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा सरकार ने आम आदमी के हित को ध्यान में रखते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए न्यूनतम आय सीमा को 35,000 रुपये से बढ़ा कर 50,000 रुपये किया है और कई परिवारों को लाभ देने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मार्ग पर चलते हुए सामाजिक सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं। 

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उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर प्रदेश सरकार वर्ष 2017 में करीब 436 करोड़ रुपये खर्च कर रही थी। 2021 में यह बजट बढ़कर 1037 करोड़ रुपये हो चुका है। सरकार ने 2017 में पहली मंत्रिमंडल बैठक में बुजुर्गों के लिए दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करने की उम्र को 80 से घटाकर 70 कर दिया था। साथ ही इसमें आय सीमा की शर्त भी हटा ली गई। इससे बुजुर्गों को आय प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया से निजात मिली। स्वर्ण जयंती नारी सम्बल योजना के तहत 65 से 69 वर्ष की बुजुर्ग महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि चार साल के कार्यकाल में लगभग दो लाख नए पेंशन आवेदन स्वीकृत हुए हैं।

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सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कर्मचारी और पेंशनर वर्ग के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पुलिस विभाग में कांग्रेस काल से चली आ रही विसंगति को दुरुस्त करना, आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए विचार करना, अनुबंध काल को कम कर 2 वर्ष करने जैसे अनेक कदम प्रदेश सरकार ने उठाए हंै। 

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विपक्ष पर निशाना साधते हुए सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विपक्ष के लोग घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। उनके समय में भी यही समस्याएं थी लेकिन उनका समाधान नहीं किया गया बल्कि काफी सारी समस्याएं कांग्रेस के समय में ही उत्पन्न हुई है।

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार लोकहित में निर्णय लेती रही हैं और आगे भी लेगी। जल्द ही 40 वर्षों के बाद शिमला का डेवलपमेंट प्लान लागू होने वाला हैं। इससे न केवल विकास से संबधित प्रकल्प पूरे होंगे बल्कि आम लोगों को आ रही परेशानियां भी दूर होंगी।

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