कमलनाथ का आरोप किसानों के साथ अन्याय कर रही भाजपा सरकार

कमलनाथ का आरोप किसानों के साथ अन्याय कर रही भाजपा सरकार
प्रतिरूप फोटो

कमलनाथ ने कहा कि पहले से ही डीजल की बढ़ती कीमतों , कृषि उपयोग में आनी वाली चीजों की महंगाई से किसान बेहद परेशान है व कोरोना के इस संकट काल में तमाम परेशानियो को झेल रहा है, भाजपा सरकार की नीतियो के कारण उसकी खेती की लागत में निरंतर वृद्धि होती जा रही है

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को जारी एक बयान में भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग खुद को सबसे बड़ा किसान हितैषी बताते हैं, किसानों के कल्याण की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, जो किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करते आये हैं, वो आज सबसे बड़े किसान विरोधी साबित हुए हैं। यह लोग किसानों की आय दोगुनी करने की बजाय उनकी लागत को दोगुनी करने का काम आज जरूर कर रहे हैं?

 

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कमलनाथ ने कहा कि पहले से ही डीजल की बढ़ती कीमतों , कृषि उपयोग में आनी वाली चीजों की महंगाई से किसान बेहद परेशान है व कोरोना के इस संकट काल में तमाम परेशानियो को झेल रहा है, भाजपा सरकार की नीतियो के कारण उसकी खेती की लागत में निरंतर वृद्धि होती जा रही है और ऐसे में अब भाजपा सरकार ने कोरोना के संकट काल में भी प्रदेश में डीएपी और अन्य खाद की दरों में भारी वृद्धि कर किसानों की कमर तोडऩे का काम किया है, उनकी लागत को दोगुनी करने का काम किया है। कोरोना के संकट काल में अपनी लापरवाही से लोगों की जान लेने वाली सरकार अब किसानों को भी मारने पर तुल गयी है?

 

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि किसान अभी रबी की फसलों को निकालने व बेचने में लगा है और खरीफ फसलों के लिए अपने खेतों को तैयार करने में लगा है और सरकार ने बाले-बाले खाद के दाम 58 फीसदी तक बढ़ा दिए। डीएपी की 50 किलो की बोरी का भाव 1200 रुपये से बढ़ाकर 1900 रुपये और एनपीके की बोरी का भाव 1185 रुपये से बढ़ाकर 1800 रुपये कर दिया गया है। खाद के दामों में की गई इस बेतहाशा मूल्य वृद्धि से किसानों पर प्रति हेक्टर करीब 3500 रुपये का डीएपी का अतिरिक्त भार बढ़ जाएगा। 

 

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उन्‍होंने कहा कि केंद्र की  सरकार ने कोरोना महामारी के संकट के समय में डीजल के भाव में अब तक 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है और इस कारण से माल ढुलाई की दरें 18 से 20प्रतिशत बढ़ गई है। ढुलाई महंगी होने से कृषि आदान के दाम बढ़े हैं और अभी भी निरंतर बढ़ रहे हैं ।कुल मिलाकर खेती की लागत किसान के बूते के बाहर होती दिख रही है।कमलनाथ ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी जी किसानों के खातों में मात्र दो- दो हजार रुपए की राशि को डालकर, झूठी वाहवाही लूटने और किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। किसान पहले से ही कृषि उपयोग में आने वाली चीजों की महंगाई से परेशान है, ऐसे में खाद की मूल्यवृद्धि के इस निर्णय से किसान पर भारी मार पड़ेगी व इसे सहन नहीं कर पायेगा।

 

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कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने अपने वादे के मुताबिक सत्ता में आते ही किसानों की कर्ज माफी का काम चालू किया था, 15 महीने की सरकार में हमने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया था। शिवराज जी, जो खुद को किसान पुत्र बताते हैं, उन्होंने आते ही हमारी इस किसान कर्ज माफी योजना को बंद कर दिया। कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस शिवराज सरकार से मांग करती है कि तत्काल इस मूल्यवृद्धि को वापस लिया जाये, किसानों को राहत देने के सभी आवश्यक कदम उठाए जाये, उनकी कर्ज अदायगी की तारीख को आगे बढ़ाने की बजाय, उनकी पूर्ण कर्ज माफी हो। कांग्रेस खाद की क़ीमतों में की गयी इस मूल्य वृद्धि पर चुप नहीं बैठेगी और कोरोना संकट समाप्त होने के बाद किसानों के साथ सडक़ों पर उतरकर इसके विरोध में पुरज़ोर आंदोलन करेगी तथा शिवराज सरकार को इस मूल्य वृद्धि को वापस लेने के लिए मजबूर करेगी।





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