कोलकाता में नीट प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के खिलाफ भाजपा ने निकाली दो विरोध रैलियां

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोलकाता में नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के विरोध में सोमवार को दो रैलियां निकालीं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन को वामपंथी छात्रों और इस्लामी कट्टरपंथियों का समर्थन प्राप्त था। रैलियों में शामिल लोगों ने पत्रकारों पर हुए हमले का भी विरोध किया।
कोलकाता, 27 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कोलकाता में तीन दिन पहले प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के विरोध में सोमवार को शहर में दो रैलियां निकालीं तथा आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी-वाम छात्रों को इस्लामी कट्टरपंथियों का समर्थन हासिल था। भाजपा नेताओं और समर्थकों की रैलियां दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क तथा शहर के मध्य स्थित सियालदह स्टेशन से शुरू हुईं, जिनका समापन क्रमशः यादवपुर और एस्प्लेनेड में होगा। सियालदह से निकाली गई रैली का नेतृत्व कर रहे भाजपा विधायक सजल घोष ने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) तृणमूल कांग्रेस, वाम दलों और कांग्रेस के उन नेताओं का समूह है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करते हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राष्ट्रहित के मुद्दे पर भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा, विभिन्न वर्गों के लोग भी इन रैलियों में भाग ले रहे हैं।’’ घोष ने 24 जुलाई को नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि उनके साथ मारपीट क्यों की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को ‘‘जमातियों’’ (इस्लामी कट्टरपंथियों) का समर्थन प्राप्त था। भाजपा की रैलियों में शामिल लोगों ने हाथों में तिरंगा थाम रखा था और पत्रकारों पर हुए हमले के विरोध में तख्तियां लिए हुए थे।
वहीं, लाल और पीली साड़ियां पहनी महिलाओं ने पारंपरिक ढाक बजाए और शंखनाद किया। रैली में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि कॉजपा देश को बांटने की कोशिश कर रही है और वे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ एकजुट हुए हैं। शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान वाम समर्थित प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी।
इसके बाद, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। राज्य सरकार ने शुक्रवार के नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोपियों के खिलाफ, नये गुंडा रोधी कानून के तहत कार्रवाई शुरू की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी थी कि आरोपियों को ऐसी सजा मिलेगी, जिसे ‘‘उनकी अगली तीन पीढ़ियां याद रखेंगी।’’ अब तक, इस हिंसा के सिलसिले में कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि रैली में शामिल करीब 70 लोगों की पहचान की गई है, जो ‘‘छात्र नहीं हैं’’ और कथित नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन से उनका कोई लेना-देना नहीं था।
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