BJP National Executive Meeting: 2023 में होने वाले सभी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पार्टी ने बनाई रणनीति

bjp national executive meeting
ANI
राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक की बात करें तो पहले दिन जहां नड्डा ने पार्टी को चुनावों की तैयारी में जुटने का संदेश देते हुए कहा कि कोई भी चुनाव हारना नहीं है वहीं कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा नेताओं को जीत का मंत्र दिया।

भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जहां 2023 में होने वाले सभी विधानसभा चुनावों की रणनीति बनाई गयी वहीं 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा की गयी। इसी के साथ ही भाजपा ने महत्वपूर्ण फैसला करते हुए पार्टी अध्यक्ष के रूप में जेपी नड्डा के कार्यकाल को एक साल का विस्तार भी दे दिया है जिससे नड्डा अब जून 2024 तक अपने पद पर बने रहेंगे। उल्लेखनीय है कि भाजपा अध्यक्ष के रूप में नड्डा का कार्यकाल इसी माह के अंत में समाप्त हो रहा था। इस साल होने वाले 9 राज्यों के विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने संगठन में शीर्ष स्तर पर कोई बदलाव करना उचित नहीं समझा। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जिसे कार्यकारिणी ने स्वीकार कर लिया है। यहां बाइट लग जायेगी।

वहीं दो दिवसीय भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक की बात करें तो पहले दिन जहां नड्डा ने पार्टी को चुनावों की तैयारी में जुटने का संदेश देते हुए कहा कि कोई भी चुनाव हारना नहीं है वहीं कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा नेताओं को जीत का मंत्र दिया और कहा कि सरकार के कार्यों को लेकर जनता के बीच जाने की जरूरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस साल होने वाले सभी चुनावों में जनता का आशीर्वाद भाजपा को मिलेगा। 

वहीं कार्यकारिणी बैठक में पारित प्रस्तावों की बात करें तो इसमें महत्वपूर्ण रूप से राजनीतिक और आर्थिक प्रस्ताव रहे। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की और कहा कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश सशक्त और आत्मनिर्भर हो रहा है। नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के कनवेंशन सेंटर में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दूसरे और अंतिम दिन सामाजिक और आर्थिक संकल्प पत्र पारित किया गया। इस सामाजिक और आर्थिक संकल्प पत्र को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने पेश किया और केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरण और हरियाणा की सांसद सुनीता दुग्गल ने इसका अनुमोदन किया।

इसे भी पढ़ें: BJP की बैठक में बोले PM Modi, अमृत काल को कर्तव्य काल में बदलना है, कार्यकर्ताओं को दिया यह टास्क

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस संकल्प पत्र के प्रमुख बिन्दुओं को मीडिया से साझा करते हुए कहा, ‘‘पिछले आठ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक समावेशी, सर्वस्पर्शी और आत्मनिर्भर समाज बनाने की दिशा में काम हो रहा है। विश्व की कठिन परिस्थितियों में भी प्रधानमंत्री मोदी की विचार स्पष्टता और कुशल नीतियों के सफल क्रियान्वयन के कारण समाज का सशक्तिकरण हो रहा है।’’ उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने जब देश की कमान संभाली थी तब देश की अर्थव्यवस्था 10वें स्थान पर थी और भारत की गिनती कमजोर अर्थव्यस्थाओं में होती थी। उन्होंने कहा, ‘‘आज आजादी के 75वें वर्ष में हमने ब्रिटेन को पीछे छोड़ा है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुए हैं।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज जीएसटी संग्रह में 22.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और डिजिटल लेनदेन ने भी नयी ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि विश्व में एक समय में 100 रुपये का डिजिटल लेनदेन होता है तो उसमें 40 रुपये का लेनदेन भारत में होता है।’’ उन्होंने कहा कि भारत माला, सागर माला, समर्पित मालगाड़ी गलियारा, उड़ान, और भारत ब्रॉडबैंड जैसी योजनाओं ने ना सिर्फ विकास को गति दी है बल्कि 21वीं सदी के भारत के अनुकूल अवसंरचना भी तैयार की है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिले, इसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए कार्यकारिणी ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘सामाजिक उपलब्धियों का एक नया पैमाना सामने आया है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। जो लोग कभी हमसे पूछते थे ‘अयोध्या में राम मंदिर तो बनाएंगे लेकिन तिथि नहीं बताएंगे’। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकारिणी ने आभार प्रकट किया कि मंदिर की तिथि भी घोषित कर दी गई है। जल्द ही भव्य मंदिर देश को समर्पित हो जाएगा।’’ इस कड़ी में उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, सोमनाथ मंदिर के विकास कार्य, केदारनाथ धाम का पुनर्निमाण, केदारनाथ-बद्रीनाथ तीर्थक्षेत्र का विकास कार्य, चार धामों का सड़क नेटवर्क, करतारपुर साहिब कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल लोक से जुड़े विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

उधर, राजनीतिक प्रस्ताव की बात करें तो भाजपा ने आरोप लगाया है कि विपक्ष ने पेगासस स्पाईवेयर, नोटबंदी, राफेल विमान सौदा और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई सहित कई अन्य मामलों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘‘नीचा दिखाने’’ के लिए ‘‘नकारात्मक’’ अभियान चलाया, लेकिन इन सभी मुद्दों पर शीर्ष अदालत के फैसलों ने उसे बेनकाब कर दिया। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के पहले दिन पेश राजनीतिक प्रस्ताव में नौ ऐसे मुद्दों का उल्लेख किया गया और इन मामलों में उच्चतम न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए यह बात कही गई। राजनीतिक प्रस्ताव केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रीजीजू ने पेश किया और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ मंत्री गोविंद करजोल ने इसका अनुमोदन किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि राजनीतिक प्रस्ताव में नौ ऐसे मुद्दों का उल्लेख है, जिन्हें लेकर विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी पर अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

राजनीतिक प्रस्ताव में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की सेवा और उनके अथक प्रयासों की भी सराहना की गई। कार्यकारिणी की बैठक में त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय और कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों ने अपनी बात रखी। कर्नाटक के बारे में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी संगठन से जुड़े कार्यक्रमों और तैयारियों के बारे में अपना पक्ष रखा।

बहरहाल, अब देखना होगा कि जीत के जिस संकल्प के साथ भाजपा की यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक समाप्त हुई है उसके उद्देश्यों को पार्टी कितना हासिल कर पाती है। भाजपा को पता है कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों में जीत का उसका दावा तभी मजबूत होगा जब वह इस साल होने वाले 9 राज्यों के महत्वपूर्ण चुनावों में अच्छा प्रदर्शन कर पायेगी।

अन्य न्यूज़