भाजपा गांधी और भगवान राम का नाम दुष्प्रचार के लिए करती, उनके आदर्शों को नहीं मानती : Surjewala

पिछले 11 वर्षों में महात्मा गांधी के आदर्शों का प्रचार-प्रसार के लिए इस्तेमाल किया गया, लेकिन उनके आदर्शों को नजरअंदाज किया गया। ठीक इसी तरह, भाजपा ने भगवान राम के नाम पर सत्ता हथिया ली, लेकिन उनके आदर्शों को अनदेखा किया। भाजपा इसी तरह सरकार चला रही है।
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को ‘‘विकसित भारत- जी रामजी कानून’’ से बदलने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा न तो महात्मा गांधी का सम्मान करती है और न ही भगवान राम का, बल्कि वह केवल इनका इस्तेमाल ‘दुष्प्रचार’ के लिए करती है।
सुरजेवाला ने भुवनेश्वर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में लाए गए मनरेगा को ‘‘विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (वीबी जी राम जी) से प्रतिस्थापित करने से लगभग 50 करोड़ गरीब लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 11 वर्षों में महात्मा गांधी के आदर्शों का प्रचार-प्रसार के लिए इस्तेमाल किया गया, लेकिन उनके आदर्शों को नजरअंदाज किया गया। ठीक इसी तरह, भाजपा ने भगवान राम के नाम पर सत्ता हथिया ली, लेकिन उनके आदर्शों को अनदेखा किया। भाजपा इसी तरह सरकार चला रही है।’’
उन्होंने दावा किया कि मनरेगा के स्थान पर नया कानून लाने से लगभग 12.5 करोड़ गरीब, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस में ओडिशा मामलों के प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पार्टी 10 जनवरी को ओडिशा में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ शुरू करेगी, जो 25 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘गरीबों को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले इस नए कानून के विरोध में जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक जनसभाएं आयोजित की जाएंगी।
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