Breaking News: NEET विवाद का बड़ा असर, Dharmendra Pradhan ने दिया इस्तीफा, युवाओं के नाम लिखा पत्र

नीट परीक्षा विवाद पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के चलते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए चार दशकों से अधिक समय से शिक्षा सुधार और छात्र कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर बल दिया। यह इस्तीफ़ा देश में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी जवाबदेही को लेकर चल रही बहस को गहरा करता है।
नीट परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने देश के युवाओं को एक पत्र से संबोधित किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव विश्वास रहा है कि एक सशक्त समाज, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
X पर उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देश भर के हालात का फ़ायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और भारत के छात्र कानूनी पेचीदगियों में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है।
सूत्रों ने बताया कि प्रधान ने खुद नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दिया था, उन्हें हटाया नहीं गया था। इससे पता चलता है कि सरकार उन्हें सम्मानजनक विदाई देना चाहती थी। ओडिशा में जन्मे बीजेपी नेता ने सबसे पहले 2021 में शिक्षा मंत्री का पद संभाला था और 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की जीत के बाद उन्हें फिर से नियुक्त किया गया था। एग्जाम पेपर लीक की कई घटनाओं के कारण आलोचना झेल रहे प्रधान ने शुरुआत में ही साफ़ कर दिया कि पद छोड़ना निजी सम्मान का मामला नहीं है। मई में हुआ NEET-UG पेपर लीक शायद इस मामले में आखिरी झटका साबित हुआ।
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