लव जिहाद पर रोक लगाने धर्म स्वतंत्र्य कानून पर आज मिलेगी कैबिनेट की मंजूरी

लव जिहाद पर रोक लगाने धर्म स्वतंत्र्य कानून पर आज मिलेगी कैबिनेट की मंजूरी

मध्य प्रदेश में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की विशेष बैठक में अध्यादेश के जरिए लव जिहाद के खिलाफ कानून लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही नया कानून तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगा।

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार लव जिहाद को लेकर बेहद सख्त है। मंगलवार से प्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू हो जाएगा। सरकार कानून को विधानसभा में पारित करने वाली थी, लेकिन कोरोना के चलते विधानसभा का शीतकालीन सत्र स्थगित कर दिया गया। अब सरकार विशेष कैबिनेट बैठक बुलाकर कानून को मंजूरी देने जा रही है।

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मध्य प्रदेश में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की विशेष बैठक में अध्यादेश के जरिए लव जिहाद के खिलाफ कानून लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही नया कानून तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगा। सोमवार देर शाम को राज्यस्तरीय खेल समारोह के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि धर्म स्वातंत्र्य कानून के साथ दूसरे विधेयक जो विधानसभा सत्र के दौरान रखे जाना थे, वो सब अध्यादेश के रूप में लाए जाएंगे। इसके बाद तत्काल प्रभाव से 'धर्म स्वातंत्र्य कानून' लागू होगा। अन्य विषयों को लेकर भी बैठक में अध्यादेश लाए जाएंगे।

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क्या होगें धर्म स्वतंत्र्य कानून में प्रावधान- 

नए कानून के मुताबिक धर्म परिवर्तन किए जाने पर कम से कम एक साल और अधिकतम पांच साल जेल का प्रावधान होगा। महिला, नाबालिग, एससी, एसटी का धर्म परिवर्तन करवाने पर दो से दस साल तक जेल होगी। अपना धर्म छिपाकर धर्म परिवर्तन किए जाने पर 3 से दस साल तक की जेल की हवा खानी पड़ सकती है। सामूहिक धर्म परिवर्तन पर 5 से 10 साल सजा का प्रावधान है। नए कानून के मुताबिक किसी भी व्यक्ति का पैतृक धर्म वही होगा जो जन्म के समय उनके पिता का धर्म था। 

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धर्म परिवर्तन करने के लिए अब करना होगा यह काम-  

यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे 6 दिन पहले कलेक्टर को सूचना देनी होगी। यदि वो ऐसा नहीं करता है तो कम से कम तीन साल और अधिकतम पांच साल की सजा का प्रावधान है। नए कानून के मुताबिक यदि कोई पंडित या मौलवी किसी मामले में जबरदस्ती शादी करवाने का आरोपी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।





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