Calcutta High Court ने Kolkata में जमीयत को रैली की दी अनुमति, पुलिस से जताई नाराजगी

Calcutta High Court
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जमीयत-ए-उलेमा को मंगलवार को कोलकाता में राजाबाजार से मौलाली तक सशर्त जुलूस निकालने की अनुमति प्रदान की है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने पुलिस द्वारा पूर्व में अनुमति देने से इनकार करने पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि इस रैली में अधिकतम 750 लोग ही शामिल हो सकेंगे। अदालत ने आयोजकों को ध्वनि सीमाओं का पालन करने और लाउडस्पीकर का उपयोग न करने का सख्त निर्देश दिया है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जमीयत ए उलेमा को मंगलवार को कुछ शर्तों के साथ रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी और मंजूरी देने से पुलिस के इनकार करने पर नाराजगी जताई। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने याचिकाकर्ता और उनके संगठन को मंगलवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे से दोपहर एक बजे तक राजाबाजार से मौलाली तक रैली निकालने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि रैली में अधिकतम 750 लोग शामिल हो सकते हैं।

रैली के लिए शर्तें तय करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को सोमवार रात 10 बजे तक 10 स्वयंसेवकों के नाम और मोबाइल फोन नंबर देने का निर्देश दिया, जो रैली को सुचारू रूप से आयोजित कराने के लिए जिम्मेदार होंगे। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने यह निर्देश भी दिया कि लाउडस्पीकर की अनुमति नहीं होगी और केवल हाथ में पकड़े जाने वाले माइक का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए ध्वनि की तय सीमा का पालन करना होगा।

अदालत ने पुलिस अधिकारियों को रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया। आयोजकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि जिस सड़क का वे इस्तेमाल करेंगे, उसका आधा हिस्सा वाहनों की आवाजाही के लिए खुला रहे। अदालत ने निर्देश दिया कि रैली के मौलाली में अंतिम स्थान पर पहुंचते ही सभी प्रतिभागी तुरंत वहां से चले जाएं।

याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील सब्यसाची चटर्जी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े न्यायाधिकरणों के कामकाज में तेजी लाने की मांग को लेकर मंगलवार को जुलूस निकाला जाना है। उन्होंने बताया कि इसके लिए पुलिस से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन पुलिस ने सात अगस्त की शाम ईमेल भेजकर अनुमति देने से इनकार कर दिया। पश्चिम बंगाल के महाधिवक्ता सुरोजित नाथ मित्रा से न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘अनुमति देने से इनकार करने की सभी सूचनाएं शुक्रवार शाम को दी गईं, जिसकी वजह से इस अदालत को सप्ताहांत में सुनवाई करनी पड़ी।’’ न्यायाधीश ने महाधिवक्ता से कहा, ‘‘ऐसा न करें।

All the updates here:

अन्य न्यूज़