एक स्थान पर खड़े होकर लोगों की समस्याओं को हल नहीं कर सकते: नायडू

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 20, 2019   09:29
एक स्थान पर खड़े होकर लोगों की समस्याओं को हल नहीं कर सकते: नायडू

पत्रकार-सांसद एमपी वीरेंद्र कुमार की पुस्तक हिमालयन ओडिसी के विमोचन के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि पहले वे (लोग) एक पार्टी को 50 साल देते थे।

नयी दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने गुरूवार को नेताओं से यह समझने का आग्रह किया कि लोगों की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं और वे अपनी समस्याओं के हल के लिए राजनीतिक दलों को ज्यादा समय नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लुटियन दिल्ली के मित्र कभी-कभी गलत हो जाते हैं क्योंकि लोगों तक पहुंचे बिना समाधान नहीं मिल सकता है। पत्रकार-सांसद एमपी वीरेंद्र कुमार की पुस्तक हिमालयन ओडिसी के विमोचन के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले वे (लोग) एक पार्टी को 50 साल देते थे। अब चीजें बदल गई हैं (ऐसा नहीं चलता)... (लोग) अधिकतम पांच साल या 10 साल (देते हैं)।

इसे भी पढ़ें: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, पाकिस्तान से सिर्फ PoK पर होगी बात

नायडू ने कहा कि जब तक नेता और नीति निर्माता कड़ी मेहनत नहीं करेंगे और लोगों की आकांक्षाओं को समझने की कोशिश नहीं करेंगे,तब तक वे उनके मुद्दों को हल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे और सभी को यह समझना होगा (कि) लोगों की समस्याएं और उनकी जीवन स्थिति नेताओं के लिए, नीति निर्माताओं के लिए गहन अध्ययन... यही कारण है कि कभी-कभी लुटियन दिल्ली के हमारे मित्र गलत हो जाते हैं,क्योंकि अगर आप यहां से सोचना शुरू करते हैं, यहां से कल्पना करें, बिना घूमे, फिर लोगों की, उनके बदले हुए मनोविज्ञान को समझने में... हमेशा एक परिवर्तन चल रहा होता है... हमें समाधान खोजना चाहिए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...