निर्माण ध्वस्त कर फिंगर फोर से पीछे हट रही चीन की सेना, बंकर्स और मिसाइल बेस हटाए

  •  अभिनय आकाश
  •  फरवरी 16, 2021   20:20
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निर्माण ध्वस्त कर फिंगर फोर से पीछे हट रही चीन की सेना, बंकर्स और मिसाइल बेस हटाए

चीनी सेना ने जो अपने बंकर बनाएं थे तोड़ा गया। ये वो इलाका है जिसे भारतीय सेना ने 29 और 30 अगस्त की रात को पिछले साल जबरदस्त ऑपरेशन के तहत ऊंचे चोटियों पर अपना डेरा डाल लिया था। जिसके बाद चीनी सेना का जो माल्डो गैरिसन था वो भारतीय सेना के निशाने पर था। जिसके दबाव में आकर ही चीनी सेना पीछे हटी है।

पैंगोंग झील से चीनी सैनिक लौटने लगे हैं। इन खाली कैंपों को बुलडोजर लगाकर ध्वस्त कर दिया गया है। नार्थ बैंक यानी की फिंगर एरिया से पहले ही चीनी सैनिक फिंगर फोर से लेकर फिंगर आठ के पीछे जा चुकी है। चीनी सेना ने जो अपने बंकर बनाएं थे तोड़ा गया। ये वो इलाका है जिसे भारतीय सेना ने 29 और 30 अगस्त की रात को पिछले साल जबरदस्त ऑपरेशन के तहत ऊंचे चोटियों पर अपना डेरा डाल लिया था। जिसके बाद चीनी सेना का जो माल्डो गैरिसन था वो भारतीय सेना के निशाने पर था। जिसके दबाव में आकर ही चीनी सेना पीछे हटी है। यही वो जगह है जहां पर चीनी सेना ने काफी सारे स्ट्रक्चर खड़े किए थे। उन्हें तोड़ा गया। नौवें दौर की कमांडर लेवल की बातचीत में ये बात तय हुई थी कि उन्होंने जो भी यहां पर स्ट्रक्चर बनाएं थे उनको तोड़ा जाएगा। उसके बाद मशीनों के जरिए पत्थरों के बने बंकर को तोड़ा गया। 

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भारतीय सेना ने चीनी सेना के फिंगर एरिया से डिइंडक्शन के वीडियो जारी किए हैं जिसमें साफ तौर पर चीनी सैनिकों को पत्थर से बने अस्थाई बंकर तोड़ते देखा जा रहा है। एक वीडियो में बड़ी तादाद में चीनी सैनिक एक लाइन से अपने बैरक मैं जाते हुए दिख रहे हैं। भारतीय सेना ने मोबाइल और ड्रोन की मदद से इन वीडियो को बनाया है। 

पूरी प्रक्रिया में लग सकता है एक हफ्ते का वक्त

अगले छह से सात दिनों में वापसी की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। यह जानकारी रक्षा सूत्रों ने दी। सूत्रों ने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने कई बंकर, अस्थायी चौकियां और अन्य ढांचों को उत्तरी किनारे वाले इलाकों से हटा लिया है और क्षेत्र में अपने सैनिकों की संख्या धीरे-धीरे कम कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के फील्ड कमांडर लगभग रोजाना बैठक कर रहे हैं ताकि वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकें, जिसे नौ दौर की उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता के बाद पिछले हफ्ते अंतिम रूप दिया गया था। 





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