धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर CJP का कड़ा रुख: कहा- कोई समझौता नहीं, सरकार ने माँगा वक्त

CJP
ANI
अंकित सिंह । Jul 24 2026 3:00PM

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार की बैठक में सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की CJP की प्रमुख मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। वहीं, सरकार ने छात्रों के खिलाफ FIR वापस लेने और मुआवजे की मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताई, जिसके बाद CJP ने प्रधान को जल्द हटाने की उम्मीद जताई है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच बैठक पूरी हो गई है। बैठक के दौरान, CJP ने पांच पैराग्राफ वाले ज्ञापन के ज़रिए अपनी मांगें लिखित रूप में सौंपीं। सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने किया, जबकि CJP के प्रतिनिधिमंडल में सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल थे। सरकार के साथ बैठक के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी। सरकार ने मुआवज़े और छात्रों के ख़िलाफ़ FIR और कानूनी मामले वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है।

इसे भी पढ़ें: सोनम बेवफा निकले? बेपटरी होते आंदोलन के कारण या कुछ और है वजह, वांगचुक के अनशन तोड़ने की इनसाइड स्टोरी

वहीं, सीजेपी की ओर से सरकार को जो पत्र लिखा गया है उसमें कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में, हमने देश भर में अपने समर्थकों और सदस्यों के साथ-साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ भी विस्तार से बातचीत की है। हम इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि हमारी मांगें—यानी श्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, NEET उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा कराना और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कोई कानूनी कार्रवाई न करना—ऐसी हैं जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

इसे भी पढ़ें: NEET Paper Leak: AAP ने BJP और Congress को घेरा, कहा- Punjab सरकार को बदनाम करने की रची जा रही साजिश

इसमें आगे कहा गया है कि इसके अलावा, भारत सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स के प्रमुख और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को उन छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए जिनके साथ सरकारी बलों ने बेरहमी से मारपीट की थी। इसमें आगे कहा गया है कि हम मांग करते हैं कि इन सभी मांगों को जल्द से जल्द मान लिया जाए; ऐसा न होने पर यह आंदोलन और बड़ा हो जाएगा और पूरे देश में फैल जाएगा। साथ ही, हम परीक्षा सुधारों पर अपनी पांच सूत्रीय मांगों के चार्टर पर सरकार की प्रतिक्रिया का स्वागत करेंगे। यह चार्टर शिक्षा प्रणाली में ज़रूरी बड़े संरचनात्मक सुधार लाने में अहम भूमिका निभाएगा।

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़