ज्ञानेश कुमार साथ होते तो...ट्रंप की पार्टी को मिडटर्म इलेक्शन में मिली शिकस्त पर CJP ने लिए मजे

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है और डेमोक्रेट्स ने दोनों सदनों पर नियंत्रण कर लिया है। ट्रंप की इस हार पर ईरान ने कहा कि अमेरिकियों ने युद्ध को ना कहा है। वहीं भारत में सीजेपी के अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में इस पर तंज कसा।
अमेरिका में मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को करारा झटका लगने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को इन नतीजों पर तंज कसा। एक्स पर एक पोस्ट में दिपके ने कहा कि ज्ञानेश कुमार होते तो ट्रम्प के साथ ऐसा कभी नहीं होने देते। उनकी ये टिप्पणियां भारत में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन के संदर्भ में थीं। सीजेपी और विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन, चुनावी प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर SIR को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
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अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजे
डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, जिससे मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। ट्रम्प ने पोलिटिको के साथ बातचीत में अपनी हार स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि वह डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं और "देश के भले के लिए कुछ भी" करने को तैयार हैं। इन चुनावों को काफी हद तक ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल पर एक जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है। इसमें मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तरीके, बढ़ती महंगाई, आप्रवासन और ईरान के साथ चल रहे तनाव जैसे मुद्दों पर अपनी राय दी है।
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मिड-टर्म चुनावों के नतीजों पर ईरान की प्रतिक्रिया
मिड-टर्म चुनावों में ट्रम्प प्रशासन की हार पर ईरान की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद-बाघेर घालीबाफ ने कहा, "चाहे वह अंतरात्मा की आवाज़ हो या बढ़ती महंगाई का मुद्दा, अमेरिकियों ने 'युद्ध को ना' कहा है, और हम इस संदेश का समर्थन करते हैं।
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