Om Prakash Rajbhar से गठबंधन की कोई गुंजाइश नहीं, सपा सांसद राजीव राय का दो टूक बयान

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समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद राजीव राय ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के लिए उनकी पार्टी के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी अन्य छोटे दल के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत नहीं चल रही है। राय ने कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर केंद्रीय नेतृत्व द्वारा फैसला लिए जाने की बात कही।

नयी दिल्ली, चार नवंबर समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य राजीव राय ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के लिए सपा के साथ गठबंधन के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं और उन्हें दोबारा साथ लेने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी सवाल किया कि राजभर के खुद को ‘सबसे बड़ा गुंडा’ बताने के बावजूद वह उनकी सरकार में मंत्री कैसे बने हुए हैं। राय ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि फिलहाल सपा की किसी अन्य छोटे दल के साथ भी गठबंधन को लेकर बातचीत नहीं हो रही है।

राजभर के भविष्य में फिर से सपा के साथ आने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘राजभर से गठबंधन का तो सवाल ही पैदा नहीं होता है। फिलहाल अन्य छोटे दल से भी कोई ऐसी बातचीत नहीं चल रही है।’’ उनका कहना है कि राजभर के लिए दरवाजे हमेशा के लिए बंद हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा और राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने गठबंधन किया था, लेकिन अब राजभर भाजपा के साथ हैं।

कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव में 150 से 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी संबंधी बयानों को ‘बचकाना हरकत’ बताते हुए राय ने कहा कि सीटों के बंटवारे का फैसला दोनों दलों का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा और सभी नेताओं को उसे स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ सीटों के तालमेल को लेकर बातचीत जारी है और समय रहते सीटों का बंटवारा हो जाएगा। राय ने कहा कि गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जिनसे आपसी माहौल खराब हो।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सीटों के बंटवारे को लेकर अधिक दुविधा होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर 70, संजय निषाद 80 सीटों की मांग कर रहे हैं, जबकि अनुप्रिया पटेल की भी अपनी मांगें हैं। पूर्वांचल में इन नेताओं की राजनीतिक भूमिका पर राय ने दावा किया कि जनता उनसे ऊब चुकी है और वे भाजपा को नुकसान पहुंचाएंगे। राय के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा को सुभासपा के साथ 2022 के गठबंधन की तुलना में अकेले अधिक फायदा हुआ।

राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी और जमीन संबंधी आरोपों को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि राम मंदिर के नाम पर सत्ता हासिल करने और चढ़ावे तथा चंदे की कथित चोरी के आरोपों के बीच भाजपा सत्ता में नहीं बनी रह सकती। राय ने योगी सरकार के कार्यकाल की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने नफरत को बढ़ावा दिया, युवाओं के साथ धोखा किया और परीक्षाएं कराने, किसानों, विकास तथा सामाजिक सुधार जैसे मुद्दों की अनदेखी की। उन्होंने दावा किया कि इन समस्याओं को ठीक करने में दशकों लग जाएंगे।

आगामी विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन की संभावनाओं पर उन्होंने 300 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया।

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