Delhi Lakshmi Yojana: CM Rekha Gupta ने बांटे Approval Letters, Women Empowerment और CBDC मॉडल का विस्तृत विश्लेषण

CM Rekha Gupta
ANI

दिल्ली लक्ष्मी योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम है जिसके तहत पच्चीस सौ रुपये की मासिक सहायता सीधे पात्र महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह पहल वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करते हुए दिल्ली में लैंगिक बजटिंग के नए आयाम स्थापित करती है। मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति पत्रों का वितरण लाभार्थियों के आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है।

 दिल्ली में बुधवार को लक्ष्मी योजना के तहत करीब 2,500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र दिए गए। योजना के तहत पात्र महिलाओं को एक सितंबर से हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को स्वीकृति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों में महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं देवी लक्ष्मी के समान हैं, जो परिवार और समाज को मजबूत करती हैं।

कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली सरकार के मंत्री मौजूद थे। योजना के तहत करीब 9,13,495 लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से 6,52,223 ने पूर्ण आवेदन जमा किए हैं। एक सितंबर से पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में हर महीने सीधे 2,500 रुपये की राशि भेजी जाएगी। सरकार ने कहा कि इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करना और उन्हें अधिक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार ने सहायता राशि वितरित करने का तरीका भी तय कर लिया है।

लाभार्थी चाहें तो 1,000 रुपये केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं और 1,500 रुपये सावधि जमा या आवर्ती जमा में निवेश कर सकते हैं, इसके अलावा वे पूरी 2,500 रुपये की राशि भी जमा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, आवेदकों को आवेदन में दी गई गलत या अधूरी जानकारी को सुधारने या छूटी हुई जानकारी पूरी करने का अवसर भी दिया जाएगा।

इसके लिए जल्द ही दिल्ली लक्ष्मी योजना के पोर्टल पर सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि, ऐसे परिवार जिनमें तीन से अधिक बच्चे हैं और जिनकी सालाना घरेलू बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, उनकी महिलाओं को योजना में शामिल नहीं किया गया है।

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