विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री का इस्तीफा, पुडुचेरी में गिरी कांग्रेस सरकार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 22, 2021   20:01
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विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री का इस्तीफा, पुडुचेरी में गिरी कांग्रेस सरकार

उन्होंने कहा कि इस्तीफे पर फैसला करना अब उपराज्यपाल के विवेक पर है। हालांकि उन्होंने अपनी आगे की रणनीति पर कोई जवाब नहीं दिया। नारायणसामी ने विधानसभाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए आश्चर्य व्यक्त किया कि उन्होंने विश्वास प्रस्ताव को मतविभाजन के लिए क्यों नहीं रखा।

पुडुचेरी। विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री वी नारायणसामी के इस्तीफे के कारण सोमव़ार को पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार गिर गई। हाल ही में कई कांग्रेस विधायकों और बाहर से समर्थन दे रहे द्रमुक के एक विधायक के इस्तीफे के कारण केन्द्रशासित प्रदेश की सरकार अल्पमत में आ गई थी। नारायणसामी ने उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन से भेंट कर चार सदस्यीय मंत्रिमंडल का इस्तीफा उन्हें सौंपा। सदन में फिलहाल सरकार के पास 11 और विपक्ष के पास 14 का संख्या बल है। प्रदेश में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं। पुडुचेरी की सरकार गिर जाने के बाद तीन राज्य - पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ ही बच गए हैं जहां कांग्रेस की अपने दम पर सरकार है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायणसामी ने कहा कि उनके द्वारा पेश किए गए विश्वास मत प्रस्ताव को विधानसभाध्यक्ष वी पी शिवकोलुंधु ने मत विभाजन के लिए नहीं रखा और विधानसभाध्यक्ष की यह टिप्पणी ‘‘गलत और अमान्य’’ है कि विश्वास प्रस्ताव नामंजूर हो गया। उन्होंने कहा कि इस मामले पर कानूनी विशेषज्ञों से राय ली जाएगी। उन्होंने मनोनीत सदस्यों के मताधिकार मुद्दे से जुड़े घटनाक्रम को ‘‘ लोकतंत्र की हत्या बताया। मनोनीत सदस्य भाजपा के साथ हैं। कांग्रेस की सहयोगी पार्टी द्रमुक के प्रमुख एम के स्टालिन ने भी सरकार के पतन के लिए विपक्ष पर निशाना साधा और लोकतंत्र को कायम रखने के लिए नारायणसामी की सराहना की। एनआर कांग्रेस प्रमुख और विपक्ष के नेता एन रंगासामी ने कहा कि उनका सरकार बनाने के लिए दावा पेश करने का कोई इरादा नहीं है और आगे चर्चा की जाएगी। सौंदर्यराजन ने सोमवार को एक दिन का विशेष सत्र बुलाया था और उसका एजेंडा विश्वासमत था।

गौरतलब है कि विपक्ष ने पिछले सप्ताह उन्हें आवेदन देकर कहा था कि विधायकों के इस्तीफे के कारण सरकार अल्पमत में आ गई है। रविवार को दो और विधायकों के इस्तीफे के बाद पिछले कुछ दिन में सत्ता पक्ष से इस्तीफा देने वालों की संख्या तीन हो गई थी। वहीं पूरे एक महीने में कांग्रेस-द्रमुक सत्ता पक्ष से कुल छह लोगों ने इस्तीफा दिया है। रविवार को कांग्रेस सदस्य के. लक्ष्मीनारायणन और द्रमुक सदस्य के. वेंकटेशन ने इस्तीफा दिया था। फिलहाल सदन में सदस्य संख्या के हिसाब से पार्टियों की स्थिति कुछ इस प्रकार है... कांग्रेस (विधानसभा अध्यक्ष सहित नौ), द्रमकु (दो), ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (सात), अन्नाद्रमुक (चार) भाजपा (तीन, सभी मनोनीत सदस्य, मताधिकार के साथ) और एक निर्दलीय (जो सरकार के साथ थे)। सदन में सात सीटें खाली हैं। इस्तीफा देने वालों में पूर्व मंत्री ए. नमशिवाय (अब भाजपा में) और मल्लाडी कृष्ण राव शामिल हैं। नारायणसामी ने सोमवार को नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार और पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी पर हमला बोला। सदन में मनोनीत सदस्यों के मताधिकार के मुद्दे पर बहस के बाद उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ विधानसभा से वाक आउट किया। इसके बाद विधानसभाध्यक्ष ने घोषणा की कि सुबह मुख्यमंत्री द्वारा पेश किया गया विश्वास मत प्रस्ताव नामंजूर हो गया है। हालांकि इस पर ध्वनि मत या मतविभाजन से विधायकों की राय नहीं ली गयी। नारायणसामी ने बाद में कहा, ‘‘सिर्फ निर्वाचित सदस्य ही सदन में मतदान कर सकते हैं, हमारे इस विचार को विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया। इसलिए हमने सदन से बहिर्गमन किया और उपराज्यपाल से भेंट करके अपना और मंत्रिमंडल का इस्तीफा सौंप दिया।’’ 

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उन्होंने कहा कि इस्तीफे पर फैसला करना अब उपराज्यपाल के विवेक पर है। हालांकि उन्होंने अपनी आगे की रणनीति पर कोई जवाब नहीं दिया। नारायणसामी ने विधानसभाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए आश्चर्य व्यक्त किया कि उन्होंने विश्वास प्रस्ताव को मतविभाजन के लिए क्यों नहीं रखा। उन्होंने जोर दिया कि मनोनीत सदस्यों के पास मतदान का अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के सचेतक आर के आर आनंदरामन ने अध्यक्ष के साथ मतदान के अधिकार का मुद्दा उठाया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘और जब उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया तो मैंने कहा कि हम वाक आउट कर रहे हैं और उपराज्यपाल से मिलने और इस्तीफा सौंपने जा रहे हैं। लेकिन वाकआउट के बाद अध्यक्ष ने प्रस्ताव को नामंजूर बताया। उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया ... मतविभाजन होना चाहिए था। भले ही हमने वाक आउट किया था लेकिन विधानसभाध्यक्ष को मत विभाजन कराना चाहिए था।’’ नारायणसामी ने कहा, उन्होंने प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इसलिए विधानसभाध्यक्ष का फैसला गलत और अमान्य है। यह एक कानूनी मुद्दा है। इसलिए विशेषज्ञों से राय ली जाएगी।’’ इससे पहले विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए नारायणसामी ने केंद्र सरकार और यहां विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे केंद्रशासित प्रदेश में चुनी हुई सरकार द्वारा प्रस्तावित कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन को बाधित करने के जिम्मेदार हैं। उन्होंने किरण बेदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने राजस्व सृजन सहित विभिन्न मामलों में सरकार के खिलाफ साजिश की।





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मध्य प्रदेश में अब आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम जनजातीय विभाग हुआ

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 4, 2021   23:37
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मध्य प्रदेश में अब आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम जनजातीय विभाग हुआ

वही जनजातीय कार्य विभाग ने जनजातीय क्षेत्रों में 8 विकास कार्यों के लिये एक करोड़ 20 लाख रूपये की मंजूरी दी है। यह कार्य सीधी एवं उमरिया जिले में मंजूर किये गये हैं।

भोपाल। मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के आधार पर आदिम जाति कल्याण विभाग के स्थान पर विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किया गया है। इस संबंध में आयुक्त जनजातीय कार्य ने प्रदेश के समस्त कमिश्नर, कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन आधिकारी जिला पंचायत को परिवर्तित नाम से पत्र व्यवहार करने के निर्देश जारी किए है। विभाग के संभागीय उपायुक्त, सहायक आयुक्त और जिला संयोजक को भी परिवर्तित नाम से पत्र व्यवहार करने के निर्देंश जारी किये गये हैं।

 

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वही जनजातीय कार्य विभाग ने जनजातीय क्षेत्रों में 8 विकास कार्यों के लिये एक करोड़ 20 लाख रूपये की मंजूरी दी है। यह कार्य सीधी एवं उमरिया जिले में मंजूर किये गये हैं। मंजूर किये गये कामों में सामुदायिक भवन निर्माण और हायर सेकेण्डरी स्कूल के बाउण्ड्री बाल के निर्माण कार्य प्रमुख हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसियों को मंजूर कामों को गुणवत्ता के साथ नियत समय-सीमा में पूरा किये जाने के निर्देश दिये हैं।





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रायसेन में खनिज विभाग ने रेत का अवैध परिवहन करते 5 ट्रेक्टर ट्राली पकड़े

  •  नीलेन्द्र मिश्रा
  •  मार्च 4, 2021   23:21
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रायसेन में खनिज विभाग ने रेत का अवैध परिवहन करते 5 ट्रेक्टर ट्राली पकड़े

वही गुरूवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन का मामला विपक्ष ने जोरशोर से उठाया। विपक्ष का आरोप है कि अधिकारियों और सरकार के संरक्षण में पूरे प्रदेश में अवैध रेत खनन का कारोबार चल रहा है।

रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की नर्मदा नदी पर स्थित सतरावन रेत खदान से चोरी छिपे रेत खनन एवं परिवहन की सूचना पर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव के निर्देश पर गुरुवार को 5 ट्रेक्टर ट्राली अवैध रेट परिवहन करते खनिज एवं पुलिस ने पकड़ी। जबकि मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरूवार को सदन में विपक्ष ने प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन को लेकर शिवराज सरकार को जमकर घेरा।

 

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खनिज अधिकारी आर के कैंथल एवं खनिज निरीक्षक राजीव कदम ने चोरी से अवैध रेत परिवहन करते पकड़े इन वाहनों पर एफआईआर भी दर्ज कराई एवं पकड़े  गए वाहनों को थाने में खड़ा करवाया गया। उल्लेखनीय है की एक दिन पहले भी एक पोकलेन्ड मशीन जप्त की गई थी। वही गुरूवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन का मामला विपक्ष ने जोरशोर से उठाया। विपक्ष का आरोप है कि अधिकारियों और सरकार के संरक्षण में पूरे प्रदेश में अवैध रेत खनन का कारोबार चल रहा है। 





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धनगर गायरी समाज ने जलाया सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला, मार्ग का नाम बदलने पर नाराजगी

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 4, 2021   23:00
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धनगर गायरी समाज ने जलाया सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला, मार्ग का नाम बदलने पर नाराजगी

जिसके चलते समाजजनों ने गुरूवार को पूरे मध्य प्रदेश के साथ-साथ जिला मुख्यालय पर राज्यसभा सांसद सिंधिया पुतला जलाया और विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें पुलिसकर्मियों के बीच जलते पुतले को लेकर खींचतान हुई।

मंदसौर। मध्य प्रदेश में धनगर गायरी समाज की राजमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के नाम से न्यू टेकरी मार्ग इंदौर का नामकरण अब मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के दादा जी सागर सिंह सिसौदिया के नाम से होगा।जिसकी घोषणा गुना में एक सरकारी कार्यक्रम में स्वयं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की है। जिसको लेकर घोषणा करने के बाद पूरे मध्य प्रदेश में  धनगर गायरी समाज में आक्रोश व्याप्त है। 

 

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जिसके चलते समाजजनों ने गुरूवार को पूरे मध्य प्रदेश के साथ-साथ जिला मुख्यालय पर राज्यसभा सांसद सिंधिया पुतला जलाया और विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें पुलिसकर्मियों के बीच जलते पुतले को लेकर खींचतान हुई। इस अवसर पर गायरी समाज के प्रदेश महासचिव समरथ धनगर, जिला अध्यक्ष कैलाश पाटोद, युवा जिला अध्यक्ष अनिल धनगर, देव सेना जिला अध्यक्ष सुरेश धनगर, जगदीश फौजी,  मल्हारगढ़ तहसील अध्यक्ष विशाल धनगर सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।





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