उत्तर प्रदेश में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वालों पर सीएम योगी का सख्त रुख, चलेगा देशद्रोह का केस

उत्तर प्रदेश में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वालों पर सीएम योगी का सख्त रुख, चलेगा देशद्रोह का केस

उत्तर प्रदेश पुलिस ने 24 अक्टूबर को हुए टी-20 विश्वकप में भारत पाक मैच के दौरान कथित तौर पर पाक समर्थन में नारे लगाने या फिर पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के आरोप में 5 जिलों से अब तक 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है जबकि 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

टी-20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला 24 अक्टूबर को हुआ था जिसमें भारतीय टीम पाकिस्तान के हाथों बुरी तरीके से परास्त हुई थी। विश्व कप में भारत की पाकिस्तान के खिलाफ यह पहली हार थी। पाकिस्तान की इस जीत के बाद देश के कई हिस्सों में पटाखे फोड़े गए और जश्न मनाया गया। उत्तर प्रदेश में भी कुछ इलाकों में ऐसा देखने को मिला। अब इसको लेकर पुलिसिया कार्रवाई शुरू हो गई हैं। इन सबके बीच पाकिस्तान की जीत पर उत्तर प्रदेश में जश्न मनाने वालों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक ट्वीट कर कहा गया कि पाक की जीत का जश्न मनाने वालों पर देशद्रोह लगेगा।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने 24 अक्टूबर को हुए टी-20 विश्वकप में भारत पाक मैच के दौरान कथित तौर पर पाक समर्थन में नारे लगाने या फिर पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के आरोप में 5 जिलों से अब तक 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है जबकि 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘‘24 अक्टूबर को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए टी-20 विश्व कप क्रिकेट मैच के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भारतीय टीम के विरुद्ध असम्मानजनक शब्दों का प्रयोग कर देश विरोधी टिप्पणी करते हुए शांति व्यवस्था भंग की गई है।’’ 

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख बाजवा के बीच क्यों छिड़ा है शीत युद्ध? ये हैं 5 मुख्य कारण

इसी ट्वीट में बताया गया कि इस संदर्भ में अब तक आगरा, बरेली, बदायूं और सीतापुर में पांच मुकदमे दर्ज कर सात व्यक्तियों को नामजद किया गया है। उनमें से पांच को हिरासत में लिया जा चुका है। इन मामलों में जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।