उधमपुर में नकली दवाई से शिशुओं की मौत के मामले में मुआवजा राशि जारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 22, 2021   17:34
उधमपुर में नकली दवाई से शिशुओं की मौत के मामले में मुआवजा राशि जारी

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में नकली दवाओं के सेवन से शिशुओं की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा मुआवजे की सिफारिश के 11 महीने बाद केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन ने 12 शोक संतप्त परिवारों के लिए तीन-तीन लाख रुपये की राशि जारी की है।

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में नकली दवाओं के सेवन से शिशुओं की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा मुआवजे की सिफारिश के 11 महीने बाद केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन ने 12 शोक संतप्त परिवारों के लिए तीन-तीन लाख रुपये की राशि जारी की है। इस साल की शुरुआत में आयोग ने दिसंबर,2019 और जनवरी,2020 के बीच रामनगर ब्लॉक में अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों को मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया था। आयोग ने यह संज्ञान लिया था कि भले ही जम्म-कश्मीर औषधि विभाग ‘जिम्मेदारी नहीं लेना’ चाहता हो लेकिन इस मामले में चूक से इनकार नहीं किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: कमल हासन को चेन्नई के अस्पताल में कराया गया भर्ती, कोरोना की रिपोर्ट आयी पॉजिटिव

जम्मू के सामाजिक कार्यकर्ता सुकेश सी. खजुरिया ने आयोग के समक्ष नकली दवाओं के सेवन से शिशुओं की मौत की शिकायत दर्ज कराई थी। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से 16 नवंबर को जारी एक आदेश में विभाग ने मानवाधिकार आयोग के आदेश का अनुपालन करने की बात कही थी। इसमें कहा गया था कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में सात अक्टूबर को हुई बैठक में प्रशासनिक परिषद ने रामनगर में नकली दवा के पीड़ित 12 नवजात शिशुओं के परिवारों के लिए 36 लाख रुपये की राशि जारी करने की मंजूरी दी गई है।

इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर ‘‘आपत्तिजनक पोस्ट’’ डालने पर मध्यप्रदेश कांग्रेस सचिव गिरफ्तार

अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक भारद्वाज की ओर से जारी आदेश में कहा गया, ‘‘विभाग ने राज्य औषधि नियंत्रक को विशेष और अपवादपूर्ण शिशु मृत्यु मामले के रूप में आगे भुगतान के लिए मुआवजे की राशि जारी करने आदेश दिया है, जो सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका के फैसले के अधीन है।’’ पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ने वाले खजुरिया ने सोमवार को सरकारी आदेश की एक प्रति साझा करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को सहायता मिलने की दिशा में यह सिर्फ एक छोटा कदम है और यह आम जनता की जीत है जो पूरे देश में रोज ‘चिकित्सा देखरेख में कमी और आधिकारिक लापरवाही’ से पीड़ित होती है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।