राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का हमला, पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि इस घोटाले के पीछे बड़े लोगों को बचाया जा रहा है, जबकि भाजपा ने इसे हिंदुओं को बांटने की कोशिश करार दिया है।
कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने इस मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश 'आस्था से विश्वासघात' के लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को कभी माफ नहीं करेगा।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जयराम रमेश ने कहा कि इस कथित चढ़ावा चोरी के मामले का खुलासा हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री इस पर पूरी तरह मौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वालों की पोल अब हर दिन नए तथ्यों के सामने आने से खुल रही है। कांग्रेस ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को एक बार फिर दोहराया है।
कांग्रेस महासचिव ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसआईटी को भी यह मानना पड़ा है कि चढ़ावे से रोजाना लाखों रुपये गायब हो रहे हैं। रमेश ने आरोप लगाया कि यह मामला कुछ छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं है और सरकार असली गुनहगारों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चंपत राय और अन्य मंदिर न्यासियों के पास कुछ गहरे राज हैं, जिसके चलते सरकार उन पर कार्रवाई करने से बच रही है।
इससे पहले शनिवार को कांग्रेस ने देश भर में 26 जगहों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को उठाया और कहा कि वह संसद के आगामी सत्र में इस पर जवाब मांगेगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एसआईटी की रिपोर्ट इस बड़ी समस्या का केवल एक छोटा सा हिस्सा है और बड़े लोग आज भी खुलेआम घूम रहे हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री का संरक्षण प्राप्त है।
विपक्ष के इन हमलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट किया है। भाजपा का कहना है कि चढ़ावा चोरी के मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही भाजपा ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो दल कभी राम मंदिर निर्माण के समर्थन में नहीं थे, वे अब हिंदुओं को बांटने के लिए इस मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं।
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