कांग्रेस ने करारी शिकस्त के बाद UP के लिए बनाई नई रणनीति, प्रदेश अध्यक्ष के लिए 2 नामों पर हो रही खास चर्चा

कांग्रेस ने करारी शिकस्त के बाद UP के लिए बनाई नई रणनीति, प्रदेश अध्यक्ष के लिए 2 नामों पर हो रही खास चर्चा
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प्रशांत किशोर द्वारा कांग्रेस में शामिल होने से इनकार किए जाने के बाद पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा एक्टिव हो गईं और उन्होंने पार्टी सचिवों और वरिष्ठ नेताओं के साथ उत्तर प्रदेश के मसले पर चर्चा किया। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस के भीतर 2 फॉर्मूले घूम रहे हैं।

नयी दिल्ली। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कांग्रेस में एंट्री का सस्पेंस भी समाप्त हो चुका है। हालांकि उन्होंने जाने से पहले कांग्रेस को एक मुफ्त की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को जड़ों में घर कर गई ढांचागत समस्याओं को दूर करने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। 

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हिंदी समाचार वेबसाइट 'दैनिक भास्कर' की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर द्वारा कांग्रेस में शामिल होने से इनकार किए जाने के बाद पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा एक्टिव हो गईं और उन्होंने पार्टी सचिवों और वरिष्ठ नेताओं के साथ उत्तर प्रदेश के मसले पर चर्चा किया। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस के भीतर 2 फॉर्मूले घूम रहे हैं। जिसके माध्यम से पार्टी को मजबूत किया जाएगा।

फॉर्मूल नंबर- एक

रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस उत्तर प्रदेश को 4 जोन में बांटकर अलग-अलग जोन के लिए अलग-अलग अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकती है। इसके माध्यम से पार्टी हर जोन में बूथ लेवल तक के कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद कर सकेगी। हालांकि इस फॉर्मूले से ज्यादा दूसरे फॉर्मूले पर चर्चा हो रही है।

फॉर्मूल नंबर- दो

कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक ही अध्यक्ष की नियुक्ती करेगी। इसके साथ ही पार्टी अलग-अलग जोन के लिए 4 कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ती करने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्त होने से पार्टी के भीतर संवाद का रास्ता और भी ज्यादा सुगम हो जाएगा और बूथ स्तर से लेकर आलास्तर तक संगठन को मजबूत किया जा सकेगा। 

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ऐसे में कार्यकारी अध्यक्ष का प्रदेश अध्यक्ष के साथ सीधा संवाद होगा और फिर प्रदेश अध्यक्ष पार्टी आलानेतृत्व के समक्ष अपनी बात रख सकेगा। इसके फॉर्मूले पर काफी ज्यादा चर्चा हो रही है और प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में एक ब्राह्मण और एक दलित नेता आगे चल रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया और प्रमोद तिवारी का नाम सबसे आगे चल रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष रह चुके पीएल पुनिया उत्तर प्रदेश से राज्यसभा जा चुके हैं। जबकि प्रमोद तिवारी उत्तर प्रदेश से पार्टी का ब्राह्मण चेहरा हैं और राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं।

कांग्रेस की जमानत हुई जब्त

हाल ही संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 403 सीटों में अपने उम्मीदवार उतारे थे। जिनमें से पार्टी को महज 2 सीटों पर ही जीत का स्वाद चखने का मौका मिला और बाकी की सीटों पर उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई। ऐसे में पार्टी आलानेतृत्व कांग्रेस को पुर्नजीवित करने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं।





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