High Court ने पंजाब सरकार को अमृतपाल की पैरोल याचिका पर फैसला लेने के लिए सात कार्यदिवस का समय दिया

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याचिका के अनुसार, अमृतपाल पंजाब में पिछले साल आई भीषण बाढ़, राज्य में मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे और अपने खडूर साहिब निर्वाचन क्षेत्र के विकास संबंधी मुद्दों सहित विभिन्न मामलों को संसद में उठाना चाहते हैं।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह आगामी बजट सत्र में भाग लेने के लिए जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की पैरोल याचिका पर सात कार्यदिवसों के भीतर निर्णय ले।

खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल अप्रैल 2023 से राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उन्होंने संसद सत्र में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 15 (हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की अस्थायी रिहाई से संबंधित) के प्रावधानों के तहत पैरोल की अर्जी दी है।

बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। दूसरा चरण नौ मार्च से दो अप्रैल तक होगा। मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए पंजाब के गृह सचिव को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता के 17 जनवरी के आवेदन पर सात कार्य दिवसों के भीतर निर्णय लें।

पीठ ने आदेश दिया कि अमृतपाल (33) द्वारा दी गई अर्जी पर लिए गए निर्णय के बारे में याचिकाकर्ता और उनके वकील को भी तुरंत सूचित किया जाए। याचिका के अनुसार, अमृतपाल पंजाब में पिछले साल आई भीषण बाढ़, राज्य में मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे और अपने खडूर साहिब निर्वाचन क्षेत्र के विकास संबंधी मुद्दों सहित विभिन्न मामलों को संसद में उठाना चाहते हैं।

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