कालीकट विश्वविद्यालय में SFI कार्यकर्ताओं पर हमले के विरोध में CPM, IUML और पुलिस पर साधा निशाना

केरल के कालीकट विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संघ चुनाव के बाद स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों पर हुए कथित हमले की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। माकपा की राज्य इकाई के सचिव एम वी गोविंदन ने आरोप लगाया कि एमएसएफ और केएसयू कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में छात्रों के साथ मारपीट की। पार्टी ने चेतावनी दी है कि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुक्रवार को कालीकट विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संघ चुनाव के सिलसिले में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं पर कथित हमले की कड़ी निंदा की और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) तथा पुलिस पर हिंसा रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। माकपा ने चेतावनी दी कि यदि आईयूएमएल नेतृत्व ने आरोपियों पर लगाम नहीं लगाई तो उसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए माकपा की केरल इकाई के सचिव एम वी गोविंदन ने आरोप लगाया कि आईयूएमएल के छात्र संगठन मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) और कांग्रेस के छात्र संगठन केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव नतीजे के बाद एसएफआई नेताओं और छात्रों पर उनकी हत्या के इरादे से हमला किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में यह हमला किया गया, लेकिन वे मूकदर्शक बने रहे। गोविंदन ने दावा किया कि छात्र संघ चुनाव में एसएफआई के सभी प्रमुख सीटें जीतने से नाराज होकर यह हिंसा की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर कक्षाओं और पुस्तकालयों में घुस गए तथा छात्राओं सहित कई विद्यार्थियों के साथ मारपीट की।
गोविंदन ने यह भी आरोप लगाया कि एमएसएफ कार्यकर्ताओं ने पास के एक अस्पताल में भी हमला जारी रखा। उन्होंने पुलिस और राज्य सरकार पर आरोपियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में अमीरों और वरिष्ठ अधिकारियों के बच्चे बेखौफ होकर हिंसा कर रहे हैं, जबकि आम लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।
गोविंदन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कथित विफलता को लेकर पुलिस और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की भी घोषणा की। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कथित हमले का वीडियो भी दिखाया। गोविंदन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पुलिस ने बृहस्पतिवार तड़के मलप्पुरम जिले के तेन्हिपलम स्थित एक अस्पताल में एसएफआई नेताओं पर कथित हमले के मामले में 15 एमएसएफ कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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