महामारी के दौरान बढ़े साइबर अपराध, पिछले साल से परीक्षण नहीं हुआ पूरा

महामारी के दौरान बढ़े साइबर अपराध, पिछले साल से परीक्षण नहीं हुआ पूरा
प्रतिरूप फोटो

साइबर क्राइम एकमात्र घिनौना अपराध है जो महामारी के चलते बहुत तेज़ी से बढ़ा है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में 2020 से अब तक किसी मामले का परीक्षण पूरा नही हुआ है।

2019 में साइबर अपराध के राज्य में 4,882 मामलों से बढ़कर 2020 में 5,458 मामले हो गए। 2018 के मुताबिक यह महत्वपूर्ण गिरावट है जो 32.8 प्रतिशत थी। साइबर क्राइम एकमात्र घिनौना अपराध है जो महामारी के चलते बहुत तेज़ी से बढ़ा है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में 2020 से अब तक किसी मामले का परीक्षण पूरा नही हुआ है।

पिछले कुछ 7 वर्षों में 2015 से 2020 तक करीब 21,970 मामले दर्ज हुए जिनमें से केवल 5513 पर ही कार्यवाही हुई। कुल 382 मामलों में से 99 मामलों (26%) आरोपी दोषी साबित हुए और 283 मामलों में (74%) को नज़रंदाज़ कर दिया गया। कानून में साइबर क्राइम अपराधों को लेकर बहुत खामियां है जिसमें काफी लोगों में ज्ञान और जागरूकता की कमी है लेकिन हमें इन मुद्दों के प्रति जागरूकता की शुरुआत करनी होगी। 

साइबर क्राइम की सजा में इसलिए कमी है क्योंकि पुलिस अधिकारियों व मेजिस्ट्रेटों को भी इसका ज़्यादा ज्ञान नहीं है क्योंकि ऐसे अपराधों को अंजाम देने में तकनीकों का प्रयोग किया जाता है और केवल कंप्यूटर विज्ञान स्नातक ही ऐसे अपराधों की जानकारी लेने के लिए जांच कर सकता है।





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