Delhi SDRF: आपदाओं से निपटने को दिल्ली में 1050 कर्मियों वाले बल का होगा गठन

दिल्ली कैबिनेट ने प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल की 18 कंपनियों को मंजूरी दी है। इस बल में 1,050 कर्मी शामिल होंगे, जिनमें से 13 जिलों में एक-एक कंपनी तैनात रहेगी और पांच रिजर्व रखी जाएंगी। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद चरणबद्ध तरीके से इसके गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।
दिल्ली सरकार ने प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए 1,050 कर्मियों वाले राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के गठन को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने हाल में राज्य आपदा मोचन बल की 18 कंपनी के गठन को मंजूरी दी है, जिनमें से 13 जिलों में एक-एक कंपनी तैनात होगी और पांच कंपनियों को ‘रिजर्व’ (आपात स्थिति के लिए तैयार) रखा जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में आपदाओं से निपटने के लिए फिलहाल कोई विशेष बल नहीं है जिसके कारण आग लगने, इमारतें ढहने और बड़ी दुर्घटनाओं जैसी आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी ढंग से बचाव एवं राहत कार्य करने में परेशानी होती है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की प्रत्येक कंपनी में बचाव एवं राहत कार्य करने वाले 50 से 55 कर्मी होंगे। इनमें अधिकतर कर्मियों को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से लिया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली एसडीआरएफ का नेतृत्व महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के एक पुलिस अधिकारी करेंगे। मंत्रिमंडल के इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की मंजूरी के लिए भेजे जाने के बाद आगामी महीनों में चरणबद्ध तरीके से बल के गठन का काम शुरू होगा, जिसके बाद औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
देश की राजधानी होने के नाते और बाढ़ एवं भूकंप जैसे संभावित खतरों के अलावा आग लगने, दुर्घटनाओं और इमारतें ढहने जैसी मानव निर्मित आपदाओं को देखते हुए दिल्ली में एक अलग एसडीआरएफ की आवश्यकता कई वर्षों से महसूस की जा रही थी। पिछले महीने सत्य निकेतन में एक इमारत ढहने से सात लोगों की जान चली गई थी।
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